आरटीई दाखिलों में देरी पर भड़के अभिभावक, पांच दिन का अल्टीमेटम

आरटीई के 40% चयनित बच्चों का अब तक नहीं हुआ दाखिला, जीपीए ने दी लखनऊ कूच की चेतावनी

गाजियाबाद।
राइट टू एजुकेशन (आरटीई) अधिनियम-2009 के तहत चयनित बच्चों के निजी स्कूलों में दाखिले में हो रही देरी को लेकर गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन (जीपीए) ने जिला शिक्षा विभाग और निजी स्कूलों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि पांच दिनों के भीतर सभी चयनित बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित नहीं कराया गया तो अभिभावक बसों से लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे।
जीपीए के बैनर तले आयोजित प्रेस वार्ता में संगठन के सचिव अनिल सिंह और आरटीई प्रभारी धर्मेंद्र यादव ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में आरटीई के तहत 6,086 आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों का चयन किया गया था। इसके बावजूद करीब 40 प्रतिशत बच्चों का अब तक निजी स्कूलों में प्रवेश नहीं हो सका है। इससे हजारों बच्चे शिक्षा के अपने संवैधानिक अधिकार से वंचित हैं और उनके अभिभावक पिछले पांच महीनों से निजी स्कूलों तथा शिक्षा विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
उन्होंने बताया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश से पहले अधिकांश स्कूलों में परीक्षाएं पूरी हो चुकी थीं और अब एक जुलाई से अधिकांश विद्यालय खुल चुके हैं। ऐसे में बुधवार को जीपीए प्रतिनिधिमंडल ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) से मुलाकात की। बीएसए ने सभी लंबित दाखिलों को सुनिश्चित कराने के लिए पांच दिन का समय मांगा और कार्रवाई का आश्वासन दिया। जीपीए के कार्यकारी सदस्य नरेश कुमार कीर ने कहा कि एक ओर प्रदेश सरकार "स्कूल चलो अभियान" के दूसरे चरण की शुरुआत कर रही है, वहीं दूसरी ओर आरटीई के तहत चयनित बच्चों को अब तक स्कूलों में प्रवेश नहीं मिल पाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि आरटीई अधिनियम के प्रभावी अनुपालन की जिम्मेदारी किसकी है और सरकार इस मुद्दे पर गंभीर क्यों नहीं दिख रही है।
संगठन ने मुख्यमंत्री से मांग की कि सभी चयनित बच्चों का तत्काल प्रवेश सुनिश्चित कराया जाए तथा आरटीई अधिनियम की अनदेखी करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उनकी मान्यता तक निरस्त की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी स्कूल कानून की अवहेलना न कर सके। प्रेस वार्ता के अंत में जीपीए सचिव अनिल सिंह ने कहा कि यदि तय समय सीमा के भीतर बच्चों के दाखिले नहीं हुए तो अभिभावक सामूहिक रूप से बसों से लखनऊ कूच करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस दौरान अनिल सिंह, नरेश कुमार कीर, नवीन तंवर, राहुल, अनिल कुमार, संजय पाल, मोंटू, राजू, रेखा, पुष्पा, साहिल, धर्मेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।

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-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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