दोषी अफसरों पर गिरेगी गाज; सीएम रेखा गुप्ता बोलीं- लोगों की सुरक्षा से समझौता नहीं
नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक हादसे के बाद दिल्ली सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। सोमवार सुबह मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक बार फिर घटनास्थल का दौरा किया और वहां चल रहे राहत कार्यों, सुरक्षा व्यवस्था तथा प्रशासनिक जांच की उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि दिल्ली के नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वाले चाहे कितने भी रसूखदार क्यों न हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
मालिक पर एफआईआर और भ्रष्ट अधिकारियों पर गाज: घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। लापरवाही के इस गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भवन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने नगर निगम के उन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया है, जिनकी लापरवाही या मिलीभगत से यह अवैध निर्माण पनप रहा था। दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी इमारत के गिरने के बाद जांच में उठी लापरवाहियों के बीच एमसीडी के पांच अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है इनमें डिप्टी कमिश्नर साउथ जोन राकेश कुमार, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर साउथ जोन रणवीर सिंह, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (बिल्डिंग) साउथ ज़ोन ललित कुमार गोयल, असिस्टेंट इंजीनियर (बिल्डिंग) साउथ जोन सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर (बिल्डिंग) आशीष कुमार शामिल हैं। सीएम ने निर्देश दिए हैं कि जांच में जो भी अधिकारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ तत्काल प्रभाव से कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली में पांचवीं मंजिल वाले भवनों को सील करने के आदेश: सत्य निकेतन हादसे का मुख्य कारण नियमों को ताक पर रखकर किए गए अवैध निर्माण और भवनों में अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण माना जा रहा है। इसे लेकर मुख्यमंत्री ने एक बड़ा और कड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आदेश दिया है कि दिल्ली में पांचवीं मंजिल वाले सभी भवनों को तत्काल प्रभाव से सील किया जाए। कई इलाकों में तय नियमों से अधिक ऊंचे भवन खड़े कर दिए गए हैं, जो न सिर्फ मास्टर प्लान के खिलाफ हैं बल्कि आसपास रहने वाले लोगों की जान के लिए भी बड़ा खतरा बन चुके हैं। प्रशासन अब ऐसे तमाम भवनों की सूची तैयार कर रहा है और युद्धस्तर पर सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
PG और अन्य इमारतों की सघन जाँच: सत्य निकेतन और उसके आसपास के इलाकों में छात्रों और कामकाजी युवाओं के लिए बड़ी संख्या में पेइंग गेस्ट और हॉस्टल संचालित होते हैं। इस हादसे के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वे आसपास के सभी पीजी और व्यावसायिक भवनों की सघन जांच करें.अग्नि सुरक्षा मानकों की कड़ाई से जांच होगी। बेसमेंट के अवैध इस्तेमाल और कमर्शियल गतिविधियों पर रोक लगाई जाएगी। यदि किसी भी भवन या पीजी में नियमों का उल्लंघन या नक्शे के विपरीत निर्माण पाया जाता है, तो उसे बिना किसी देरी के सील कर दिया जाएगा।
'लापरवाही बर्दाश्त नहीं' मुख्यमंत्री का संदेश: दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से भी मुलाकात की और उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इस दुखद घड़ी में उनके साथ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक शहर में पूरी तरह से कानून का पालन सुनिश्चित नहीं हो जाता। सरकार के इस कड़े कदम से उन भू-माफियाओं और अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया है जो प्रशासनिक ढिलाई का फायदा उठाकर अनधिकृत निर्माणों को बढ़ावा दे रहे थे। इस घटना ने एक बार फिर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था और भवन निर्माण नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसका अब सरकार स्थायी और कड़ा समाधान निकालने में जुटी है।
PG और अन्य इमारतों की सघन जाँच: सत्य निकेतन और उसके आसपास के इलाकों में छात्रों और कामकाजी युवाओं के लिए बड़ी संख्या में पेइंग गेस्ट और हॉस्टल संचालित होते हैं। इस हादसे के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वे आसपास के सभी पीजी और व्यावसायिक भवनों की सघन जांच करें.अग्नि सुरक्षा मानकों की कड़ाई से जांच होगी। बेसमेंट के अवैध इस्तेमाल और कमर्शियल गतिविधियों पर रोक लगाई जाएगी। यदि किसी भी भवन या पीजी में नियमों का उल्लंघन या नक्शे के विपरीत निर्माण पाया जाता है, तो उसे बिना किसी देरी के सील कर दिया जाएगा।
'लापरवाही बर्दाश्त नहीं' मुख्यमंत्री का संदेश: दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से भी मुलाकात की और उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इस दुखद घड़ी में उनके साथ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक शहर में पूरी तरह से कानून का पालन सुनिश्चित नहीं हो जाता। सरकार के इस कड़े कदम से उन भू-माफियाओं और अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया है जो प्रशासनिक ढिलाई का फायदा उठाकर अनधिकृत निर्माणों को बढ़ावा दे रहे थे। इस घटना ने एक बार फिर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था और भवन निर्माण नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसका अब सरकार स्थायी और कड़ा समाधान निकालने में जुटी है।
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