फेसबुक पर पीएम-सीएम के बारे में अमर्यादित पोस्ट 50 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस को पड़ी भारी, अब FIR की तैयारी
गाजियाबाद। क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र के डूंडाहेड़ा-विजयनगर स्थित 50 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. अतुल आनंद पर शासन की गाज गिरी है, उन्हें पद से हटा दिया गया है और सीएमएस को पद से हटाए जाने की कार्रवाई गाजियाबाद के स्वास्थ्य विभाग में चर्चा का विषय बन गई है। दरअसल, फेसबुक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा कार्यकर्ताओं, सनातन धर्म और ब्राह्मण समाज को लेकर कथित आपत्तिजनक एवं अमर्यादित टिप्पणियों के चलते डाॅ0 अतुल आनंद की कुर्सी छिन गई है और इसके पीछे भारतीय जनता युवा मोर्चा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पूर्व क्षेत्रीय मंत्री अनुज शर्मा की शिकायत और शासन स्तर पर की गई पैरवी मुख्य वजह है। अनुज शर्मा ने न केवल शिकायत दर्ज कराई, बल्कि कथित फेसबुक पोस्ट के स्क्रीनशॉट सहित मामले को प्रमुख सचिव स्वास्थ्य के समक्ष उठाया और संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
31 अगस्त को शासन को भेजी शिकायत: मामले की शुरुआत तब हुई जब अनुज शर्मा ने 31 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को लिखित शिकायत भेजी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 50 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में CMS के पद पर तैनात डॉ. अतुल आनंद ने अपने फेसबुक अकाउंट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि फेसबुक पर भाजपा कार्यकर्ताओं, सनातन धर्म और ब्राह्मण समाज को लेकर भी कथित रूप से आपत्तिजनक एवं अमर्यादित सामग्री पोस्ट की गई। भाजयुमो नेता अनुज शर्मा ने शिकायत के साथ संबंधित फेसबुक पोस्ट के स्क्रीनशॉट भी संलग्न किए और मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने शासन से मांग की कि सरकारी पद पर तैनात अधिकारी द्वारा सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणियों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए और मामले की जांच कराई जाए।
शिकायत तक सीमित नहीं रही अनुज शर्मा की पैरवी: अनुज शर्मा ने मामले को केवल लिखित शिकायत तक सीमित नहीं रखा। शिकायत के बाद वह स्वयं लखनऊ पहुंचे और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य के कार्यालय में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य से मुलाकात कर मामले को विस्तार से रखा। बताया गया है कि मुलाकात के दौरान उन्होंने कथित फेसबुक पोस्ट के संबंध में उपलब्ध साक्ष्य शासन के समक्ष रखे और कहा कि सरकारी पद पर तैनात किसी अधिकारी द्वारा सोशल मीडिया पर इस तरह की कथित भाषा का इस्तेमाल किया जाना गंभीर विषय है। अनुज शर्मा ने शासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
शासन ने दिए CMS को हटाने के निर्देश: अनुज शर्मा की शिकायत और शासन स्तर पर उनकी पैरवी के बाद मामले में कार्रवाई आगे बढ़ी। बताया गया है कि प्रमुख सचिव स्वास्थ्य की ओर से महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण (DG Medical Health) को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। निर्देशों के तहत डॉ. अतुल आनंद को 50 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय के CMS पद से हटाने और उनके स्थान पर निदेशक स्तर के अधिकारी को भेजने की कार्रवाई की गई। साथ ही आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट निर्धारित समय में शासन को भेजने के निर्देश दिए गए। शासन के निर्देश के बाद डॉ. अतुल आनंद को CMS के पद से हटा दिया गया। इस कार्रवाई के बाद पूरे मामले में अनुज शर्मा की शिकायत और उनकी शासन स्तर पर की गई पैरवी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अनुज शर्मा ने कहा -'सिर्फ पद से हटाना पर्याप्त नहीं': CMS को पद से हटाए जाने के बाद अनुज शर्मा ने कहा कि उनकी शिकायत का उद्देश्य केवल अधिकारी को पद से हटवाना नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों की जांच और दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराना है। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरकारी अधिकारी ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, धार्मिक आस्था या किसी सामाजिक वर्ग के संबंध में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अनुज शर्मा ने कहा कि डाॅ0 अतुल आनंद का व्यवहार अस्पताल के डाॅक्टरों और अन्य स्टाफकर्मियों के साथ भी ठीक नहीं था। गौरतलब है कि सीएमएस डा.अतुल आनंद पर चिकित्सकों ने वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) को बढ़िया लिखने के एवज में पैसे मांगने का लिखित आरोप भी लगाया था, इससे भी डाॅ0 अतुल आनंद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे थे। उन्होंने कहा कि पद से हटाए जाने की कार्रवाई के बाद अब वह कानूनी कार्रवाई के लिए भी कदम उठाएंगे। अनुज शर्मा के मुताबिक वह एक-दो दिन में स्थानीय थाने में शिकायत देकर डॉ. अतुल आनंद के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग करेंगे।
'सरकारी पद पर रहकर मर्यादा का पालन जरूरी': अनुज शर्मा ने कहा कि सरकारी अधिकारी किसी भी राजनीतिक विचारधारा से व्यक्तिगत रूप से सहमत या असहमत हो सकता है, लेकिन सरकारी पद पर रहते हुए सोशल मीडिया पर सार्वजनिक टिप्पणियों में सेवा नियमों और पद की गरिमा का पालन जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई आरोपों के आधार पर नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए। यदि जांच में कथित फेसबुक पोस्ट और लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी पद पर बैठकर कोई भी व्यक्ति अगर इस तरह की भाषा का प्रयोग करेगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
अब कानूनी कार्रवाई पर नजर: CMS पद से हटाए जाने के बाद अब इस मामले में अगला कदम FIR और कथित सोशल मीडिया पोस्ट की जांच को लेकर होगा। माना जा रहा है कि अनुज शर्मा की तरफ से पुलिस में शिकायत दिए जाने के बाद मामले में पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है जिससे डॉ. अतुल आनंद की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
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