CJP के दबाव के बाद एक्शन! जंतर-मंतर पर मारपीट मामले में ‘इन्फ्लुएंसर’ स्वतंत्र भारद्वाज बुलंदशहर से हिरासत में

निशु आजाद के पिता से मारपीट का है आरोप  गिरफ्तारी की मांग को लेकर CJP कार्यकर्ताओं ने संसद मार्ग थाने पर किया था प्रदर्शन, दिल्ली पुलिस ने जल्द चार्जशीट दाखिल करने का दिया आश्वासन

नई दिल्ली/बुलंदशहर।
जंतर-मंतर पर 23 जून को हुए प्रदर्शन के दौरान CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) कार्यकर्ता नीशू आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। पुलिस की यह कार्रवाई उस समय हुई है, जब स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर CJP कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने के बाहर करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन किया। कॉक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) प्रवक्ता सौरभ दास और सह-संयोजक आशुतोष रांका निशु आजाद मामले में अपने अन्य साथियों के साथ पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। वे खुद को हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे, पुलिस के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया । मामले में पुलिस का कहना है कि जांच की कार्रवाई पूरी की जा रही है और जल्द ही आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल किया जाएगा। 
गिरफ्तारी से पहले मीडिया से बातचीत: 
हिरासत में लिए जाने से पहले स्वतंत्र भारद्वाज ने हसनपुर में मीडिया से करीब तीन मिनट तक बातचीत की। इस दौरान अपनी गिरफ्तारी को लेकर बेफिक्र अंदाज में कहा कि “मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। चाहे पूरा विपक्ष एकजुट हो, मेरा बाल बांका नहीं कर सकता।”  स्वतंत्र का यह बयान सामने आने के बाद मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएं तेज हो गईं। इसके बाद दिल्ली पुलिस द्वारा स्वतंत्र  को बुलंदशहर से हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई।
क्या है पूरा मामला?: 
मामला 23 जून का है। CJP की ओर से जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। इसी दौरान नीशू आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। नीशू आजाद का आरोप है कि इस घटना में उनके पिता के सिर पर गंभीर चोट आई और उन्हें अस्पताल में उपचार कराना पड़ा। संजय कुमार की शिकायत के आधार पर दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में मामला दर्ज किया गया था। परिवार और CJP कार्यकर्ताओं का आरोप है कि घटना के डेढ़ महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त नहीं हुई। इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को CJP कार्यकर्ताओं ने संसद मार्ग थाने पहुंचकर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की और करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन किया। 
वायरल पॉडकास्ट वीडियो से बढ़ा विवाद: 
मामले में स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। CJP कार्यकर्ताओं का दावा है कि वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज ने संजय कुमार पर हमला करने की बात स्वीकार की है। वहीं, स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने बयान में घटना को हमला नहीं बल्कि सेल्फ डिफेंस बताया। स्वतंत्र का दावा है कि घटना के दौरान करीब 10 से 15 लोगों ने घेर लिया था और अपनी सुरक्षा के लिए कार्रवाई करनी पड़ी। भारद्वाज के मुताबिक यदि वह उस समय बचाव में कार्रवाई नहीं करते तो भीड़ मारपीट कर सकती थी।  स्वतंत्र भारद्वाज ने यह भी दावा किया कि घटना के दौरान जेल नहीं जाना पड़ा। 
CJP ने उठाए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल: 
CJP कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि आरोपी स्वयं सार्वजनिक रूप से संजय कुमार पर हमला करने की बात स्वीकार करता दिखाई दे रहा है, तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की गई। CJP कार्यकर्ता नीशू आजाद और उनके समर्थकों का आरोप है कि संजय कुमार के सिर में चोट लगी थी और मामले में पर्याप्त कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोपी की गिरफ्तारी और मामले में तेजी से कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधिकारियों द्वारा उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया।
दिल्ली पुलिस ने बताई मेडिकल रिपोर्ट की स्थिति: मामले में दिल्ली पुलिस का पक्ष CJP के आरोपों से अलग है। पुलिस के अनुसार 23 जून को संजय कुमार के सिर पर कड़ा/ब्रेसलेट लगने से चोट आई थी। घटना के बाद उन्हें इलाज और मेडिकल जांच के लिए आरएमएल अस्पताल ले जाया गया था। पुलिस के मुताबिक मेडिको-लीगल केस (MLC) में चोट को साधारण प्रकृति की बताया गया था। पुलिस ने संजय कुमार के सिर में खोपड़ी फटने या फ्रैक्चर होने के दावे को गलत बताया है। पुलिस का कहना है कि मामले में सूरज कुमार (24) और स्वतंत्र भारद्वाज (21) को घटना के समय मौके से हिरासत में लिया गया था। जांच के दौरान दोनों से पूछताछ की गई और उन्हें नोटिस भी दिए गए। 
पुलिस का दावा- कानूनी कार्रवाई जारी: 
दिल्ली पुलिस के अनुसार मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है और जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी। वहीं, स्वतंत्र भारद्वाज को अब बुलंदशहर से हिरासत में लिए जाने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है। 
आरोप और पुलिस के दावे में अंतर: इस पूरे मामले में एक ओर संजय कुमार के परिवार और CJP कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उनके साथ गंभीर मारपीट की गई और पर्याप्त पुलिस कार्रवाई नहीं हुई। दूसरी ओर दिल्ली पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट में चोट साधारण प्रकृति की दर्ज हुई थी और खोपड़ी में फ्रैक्चर अथवा गंभीर चोट के दावे की पुष्टि नहीं हुई है। स्वतंत्र भारद्वाज ने भी घटना को हमला नहीं बल्कि आत्मरक्षा (सेल्फ डिफेंस) बताया है। 

ALERT AFSARSHAHI

-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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