नई व्यवस्था के तहत वाहन खरीदने के बाद 15 दिनों के भीतर आरसी ट्रांसफर नहीं कराने पर की जाएगी कानूनी कार्रवाई
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में पुरानी कार या बाइक खरीदने वाले लोगों के लिए अब रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) अपने नाम ट्रांसफर कराना अनिवार्य कर दिया गया है. नई व्यवस्था के तहत वाहन खरीदने के बाद 15 दिनों के भीतर आरसी ट्रांसफर नहीं कराने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. दिल्ली पुलिस ने यह कदम सुरक्षा कारणों से उठाया है.
दरअसल, यह फैसला हाल ही में लालकिले के पास हुए कार धमाके की जांच के दौरान सामने आई खामियों के बाद लिया गया है. जांच में सामने आया था कि धमाके में इस्तेमाल की गई कार पुरानी थी, लेकिन उसके दस्तावेज अभी भी पूर्व मालिक के नाम पर दर्ज थे. इससे पुलिस को असली इस्तेमालकर्ता तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था.
पुराने वाहन डीलरों पर सख्ती: दिल्ली पुलिस ने पुराने वाहनों के खरीद-फरोख्त करने वाले डीलरों के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं. पुलिस का कहना है कि ज्यादातर पुरानी गाड़ियों की खरीद-फरोख्त डीलरों के माध्यम से होती है. ऐसे में यदि सौदे के बाद आरसी ट्रांसफर सुनिश्चित नहीं किया गया तो डीलर भी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं. सभी डीलरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर वाहन सौदे की पूरी जानकारी एक निर्धारित रजिस्टर में दर्ज रखें. इसमें वाहन बेचने व खरीदने वाले दोनों पक्षों का पूरा विवरण होना अनिवार्य होगा, जिससे जरूरत पड़ने पर तुरंत जांच में मदद मिल सके.
दरअसल, यह फैसला हाल ही में लालकिले के पास हुए कार धमाके की जांच के दौरान सामने आई खामियों के बाद लिया गया है. जांच में सामने आया था कि धमाके में इस्तेमाल की गई कार पुरानी थी, लेकिन उसके दस्तावेज अभी भी पूर्व मालिक के नाम पर दर्ज थे. इससे पुलिस को असली इस्तेमालकर्ता तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था.
पुराने वाहन डीलरों पर सख्ती: दिल्ली पुलिस ने पुराने वाहनों के खरीद-फरोख्त करने वाले डीलरों के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं. पुलिस का कहना है कि ज्यादातर पुरानी गाड़ियों की खरीद-फरोख्त डीलरों के माध्यम से होती है. ऐसे में यदि सौदे के बाद आरसी ट्रांसफर सुनिश्चित नहीं किया गया तो डीलर भी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं. सभी डीलरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर वाहन सौदे की पूरी जानकारी एक निर्धारित रजिस्टर में दर्ज रखें. इसमें वाहन बेचने व खरीदने वाले दोनों पक्षों का पूरा विवरण होना अनिवार्य होगा, जिससे जरूरत पड़ने पर तुरंत जांच में मदद मिल सके.
ट्रैफिक पुलिस व ट्रांसपोर्ट यूनिट को निगरानी के निर्देश: आरसी ट्रांसफर के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग व ट्रैफिक पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया. इसके साथ ही सभी जिलों की पुलिस को अपने-अपने इलाकों में पुराने वाहन डीलरों की गतिविधियों पर नियमित नजर रखने व जानकारी एकत्र करने के निर्देश दिए गए. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई डीलर रजिस्टर नहीं रखता या जारी आदेशों की अनदेखी करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
विक्रेता की भी जिम्मेदारी तय: नियमों के मुताबिक, वाहन बेचने के बाद पुराने मालिक की भी जिम्मेदारी होती है कि वह संबंधित आरटीओ को इसकी जानकारी दे. खरीदार से तय समय सीमा के भीतर आरसी ट्रांसफर कराने को कहे. आम तौर पर यह प्रक्रिया 30 दिनों के भीतर पूरी की जानी चाहिए.
आरसी ट्रांसफर न होने पर पुराने मालिक पर भी आ सकती है आंच: दिल्ली परिवहन विभाग के पूर्व उपायुक्त और परिवहन विशेषज्ञ अनिल कुमार छिकारा का कहना है कि आरसी ट्रांसफर नहीं कराने की स्थिति में भविष्य में किसी दुर्घटना, ट्रैफिक चालान या आपराधिक गतिविधि के लिए पूर्व मालिक भी जांच के दायरे में आ सकता है. वाहन का कानूनी स्वामित्व आरसी से तय होता है, ऐसे में दस्तावेज अपडेट न होने पर परेशानी दोनों पक्षों के लिए बढ़ सकती है.
दिल्ली में वाहनों का बढ़ता आंकड़ा: दिल्ली में फिलहाल कुल रजिस्टर्ड वाहनों की संख्या करीब 1.22 करोड़ के आसपास पहुंच है. इनमें से बड़ी संख्या में 10 से 15 साल पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा चुका है. वहीं, हर साल नए वाहनों का पंजीकरण भी लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में पुलिस का मानना है कि आरसी ट्रांसफर को लेकर सख्ती समय की जरूरत है.
विक्रेता की भी जिम्मेदारी तय: नियमों के मुताबिक, वाहन बेचने के बाद पुराने मालिक की भी जिम्मेदारी होती है कि वह संबंधित आरटीओ को इसकी जानकारी दे. खरीदार से तय समय सीमा के भीतर आरसी ट्रांसफर कराने को कहे. आम तौर पर यह प्रक्रिया 30 दिनों के भीतर पूरी की जानी चाहिए.
आरसी ट्रांसफर न होने पर पुराने मालिक पर भी आ सकती है आंच: दिल्ली परिवहन विभाग के पूर्व उपायुक्त और परिवहन विशेषज्ञ अनिल कुमार छिकारा का कहना है कि आरसी ट्रांसफर नहीं कराने की स्थिति में भविष्य में किसी दुर्घटना, ट्रैफिक चालान या आपराधिक गतिविधि के लिए पूर्व मालिक भी जांच के दायरे में आ सकता है. वाहन का कानूनी स्वामित्व आरसी से तय होता है, ऐसे में दस्तावेज अपडेट न होने पर परेशानी दोनों पक्षों के लिए बढ़ सकती है.
दिल्ली में वाहनों का बढ़ता आंकड़ा: दिल्ली में फिलहाल कुल रजिस्टर्ड वाहनों की संख्या करीब 1.22 करोड़ के आसपास पहुंच है. इनमें से बड़ी संख्या में 10 से 15 साल पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा चुका है. वहीं, हर साल नए वाहनों का पंजीकरण भी लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में पुलिस का मानना है कि आरसी ट्रांसफर को लेकर सख्ती समय की जरूरत है.
Tags
दिल्ली