लोनी का ओमकार हत्याकांड: 50 हजार रुपये का इनामी पांचवां आरोपी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

सभी नामजद आरोपी पुलिस की गिरफ्त में, ओमकार के शव की बरामदगी अब तक नहीं

गाजियाबाद।
लोनी क्षेत्र में हुए चर्चित ओमकार हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले में फरार चल रहा पांचवां और अंतिम नामजद आरोपी गौरव नागर को शनिवार सुबह मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इस गिरफ्तारी के साथ ही इस बहुचर्चित मामले के सभी पांच नामजद आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
पुलिस के अनुसार 13 जून की सुबह मुखबिर से सूचना मिली थी कि 30 मई को गनौली निवासी ओमकार सिंह के अपहरण और हत्या के मामले में फरार आरोपी गौरव नागर बंथला से चिरोड़ी की ओर आने वाला है। सूचना के आधार पर बंथला-चिरोड़ी मार्ग पर गंगनहर के पास वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया।
इसी दौरान एक सफेद स्विफ्ट कार को रोकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक ने रुकने के बजाय वाहन तेज गति से भगा दिया। पुलिस ने पीछा किया, जिसके बाद कार अनियंत्रित होकर एक पेड़ से टकरा गई। पुलिस का कहना है कि इसके बाद आरोपी ने वाहन से उतरकर पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके दोनों पैरों में लगी और उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया।
एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान गौरव नागर पुत्र गजराज, निवासी बादलपुर (गौतमबुद्ध नगर) के रूप में हुई है। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर ओमकार सिंह के अपहरण और हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार की है। उसने बताया कि हत्या के बाद शव को रोहटा–मेरठ रोड स्थित गंगनहर में फेंक दिया गया था, हालांकि घटना के 15 दिन बाद भी शव बरामद नहीं हो सका है पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट कार, एक .32 बोर की पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ एनसीआर क्षेत्र के विभिन्न थानों में करीब आधा दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं। लोनी थाने में इस मामले में केस संख्या 152/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 109(1), 140(3) और 3(5) में मुकदमा दर्ज है। 
गौरतलब है कि इस हत्याकांड में कुल पांच नामजद आरोपी थे। इनमें मोहित और एक अन्य गौरव को लोनी पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी। जबकि 12–13 जून की रात दिल्ली क्राइम ब्रांच ने मालवीय नगर क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद गोपाल और सौरभ को भी गिरफ्तार कर लिया था। सभी आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उधर, ओमकार सिंह का शव अब तक बरामद नहीं होने से परिजनों में भारी नाराजगी है। परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जल्द से जल्द शव बरामद करने की मांग की है। परिजनों ने रविवार को महापंचायत बुलाने का ऐलान किया है, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें क्षेत्रवासियों से शामिल होने की अपील की गई है। 
परिजनों का कहना है कि जब सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और हत्या स्वीकार कर चुके हैं, तब भी शव का न मिलना पुलिस जांच पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वहीं पुलिस का कहना है कि शव की तलाश के लिए अभियान लगातार जारी है और जल्द ही मामले में और भी तथ्य सामने लाए जाएंगे।

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-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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