प्राधिकरण की तरफ से कहा गया कि DG सेट चलाने के लिए 70% गैस और 30% डीजल का मिश्रण अनिवार्य होगा.
नोएडा: दिल्ली एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) 4 के लागू होने के बाद सभी विभाग इस दिशा में कदम उठा रहे हैं. इसी कड़ी में नोएडा प्राधिकरण एक्शन मोड में आ गया है. दरअसल प्राधिकरण के सीईओ ने एम लोकेश ने प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कई बड़े फैसले लिए हैं. उन्होंने अपने सभी ऑफिस और फील्ड के वाहनों को EV (इलेक्ट्रिक व्हीकल) और हाइब्रिड मॉडल में बदलने का फैसला किया है. इसके तहत पुरानी गाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा. इसके अलावा उन्होंने यहां कंपनियों को प्रदूषण के चलते वर्क फ्रॉम होम पर जोर देने की अपील की है. स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और आईटी कंपनियों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी गई है. इसके अंतर्गत ऑफिस कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम और छात्रों के लिए मेट्रो/लूप ड्राइव से आने का आग्रह किया गया है. इतना ही नहीं, कक्षा 5 तक के छात्रों की पढ़ाई ऑनलाइन कराने और 6 से 12 कक्षा तक के छात्रों के लिए हाइब्रिड मॉडल में कक्षाएं चलाने का आग्रह किया गया है. प्रदूषण को कम करने की दिशा में फैक्ट्रियों को DG सेट चलाने को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं. इसके तहत 70% गैस और 30% डीजल का मिश्रण अनिवार्य होगा. जिला प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में पत्र जारी किए जा रहे हैं. प्राधिकरण ने सभी संस्थाओं को इन निर्देशों को लागू करने के लिए इस सप्ताह तक का समय दिया है. नियमों का पालन न किए जाने पर प्राधिकरण की तरफ से कार्रवाई की जाएगी.
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