फर्जी दस्तावेजों के दम पर करोड़ों की जमीन हड़पने की साजिश नाकाम, रिटायर्ड लेखपाल समेत 10 गिरफ्तार

 आरोपियों के कब्जे से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, बैंक पासबुक, चेकबुक 


गाजियाबाद।
साहिबाबाद थाना पुलिस ने करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचने की बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने जमीन मालिक की पहचान चुराकर उसकी संपत्ति बेचने की पूरी तैयारी कर ली थी। पुलिस ने इनके कब्जे से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, बैंक पासबुक, चेकबुक समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। 
मामला साहिबाबाद के अर्थला क्षेत्र स्थित करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन से जुड़ा है। नोएडा निवासी राजकुमार अग्रवाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोग उनकी जमीन को अपना बताकर बेचने का प्रयास कर रहे हैं। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने राजस्व अभिलेखों से जमीन की पूरी जानकारी जुटाकर सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की योजना बनाई थी। 
पुलिस के अनुसार, गिरोह ने सबसे पहले राजकुमार अग्रवाल के नाम पर एक व्यक्ति को तैयार किया और उसके नाम से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी तथा बैंक खाता खुलवाया। इसके अलावा जमीन के मूल दस्तावेज खो जाने की झूठी रिपोर्ट भी अलग-अलग राज्यों में दर्ज कराई गई, ताकि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन का सौदा किया जा सके। पूछताछ में मुख्य आरोपी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उसकी पहचान करीब 20 वर्ष से सेवानिवृत्त लेखपाल सतवीर सिंह से थी। सतवीर सिंह ने ही उसे अर्थला स्थित इस कीमती जमीन की जानकारी दी थी। इसके बाद इंदौर निवासी ब्रोकर शशि गुप्ता और अन्य साथियों के साथ मिलकर जमीन बेचने की पूरी साजिश रची गई।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने जमीन की बिक्री के लिए वीडियो तैयार कराए और स्थानीय स्तर पर खरीदार तलाशने के लिए अली जाफर को शामिल किया। उसने संभावित खरीदारों से संपर्क कर उन्हें फर्जी दस्तावेज भेजे। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की तो उनमें जमीन से संबंधित दस्तावेज, पहले दर्ज कराई गई फर्जी एफआईआर की प्रतियां, अखबारों की कटिंग तथा असली जमीन मालिक और उसके परिवार की विस्तृत जानकारी भी मिली।
डीसीपी ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल ने बताया कि आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज और फोटो बरामद हुए हैं। पुलिस गिरोह के अन्य आपराधिक मामलों और संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है। फर्जी पहचान बनाकर करोड़ों की संपत्ति हड़पने की यह साजिश समय रहते उजागर होने से एक बड़े भूमि घोटाले को रोका जा सका।

ALERT AFSARSHAHI

-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने