पूर्व पुलिसकर्मी समेत तीन गिरफ्तार, रक्षा कंपनी के मालिक से मांगी थी फिरौती
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक हाई-प्रोफाइल रंगदारी और धमकी मामले का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक रक्षा उपकरण निर्माता कंपनी के मालिक को खालिस्तानी तत्वों और गैंगस्टर के नाम पर जान से मारने की धमकी देकर 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने की साजिश रची थी। जांच में सामने आया है कि पूरा मामला एक सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र का हिस्सा था, जिसमें खालिस्तानी संगठनों और कुख्यात गैंगस्टरों का नाम लेकर भय का माहौल बनाया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंजाब के तरनतारन निवासी गुरपिंदर सिंह उर्फ प्रिंस (32), शमशेर सिंह उर्फ सैम (35) और अमृतसर निवासी जसवंत सिंह (59) के रूप में हुई है। जसवंत सिंह पंजाब पुलिस में सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) रह चुका है, लेकिन वर्ष 2006 में उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। क्राइम ब्रांच के अनुसार, शिकायतकर्ता साहिल लूथरा, जो विजयन त्रिशूल डिफेंस सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक और प्रबंध निदेशक हैं, को अगस्त और सितंबर 2025 से लगातार धमकी भरे कॉल और संदेश मिल रहे थे। 4 जून 2026 को उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से व्हाट्सएप वॉयस नोट भेजा गया, जिसमें खालिस्तानी तत्वों के नाम पर 10 करोड़ रुपये की मांग की गई और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
मामले की जांच 10 जून को क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों और व्हाट्सएप सहित विभिन्न सेवा प्रदाताओं से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गुरपिंदर सिंह और शमशेर सिंह ने जसवंत सिंह के कहने पर धमकी भरे वॉयस नोट और संदेश भेजे थे। जांच में यह भी सामने आया कि पहले दी गई धमकियों के पीछे स्पेन में बैठा एक व्यक्ति 'मन्नी' भी शामिल था।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने खालिस्तानी और गैंगस्टर नेटवर्क का नाम लेकर एक झूठा भय पैदा किया, ताकि शिकायतकर्ता से मोटी रकम वसूली जा सके। जांच के दौरान यह भी पता चला कि पंजाब में शिकायतकर्ता पर हुई फायरिंग की घटना का संबंध भी इसी रंगदारी की साजिश से हो सकता है। क्राइम ब्रांच के विशेष पुलिस आयुक्त एच.जी.एस. ढालीवाल ने कहा कि दिल्ली पुलिस संगठित अपराध, रंगदारी और देशविरोधी तत्वों के नाम पर डर फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि तीनों आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस अब पूरे नेटवर्क, विदेशी संपर्कों और अन्य साजिशकर्ताओं की भूमिका की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से खालिस्तानी नाम का दुरुपयोग कर रंगदारी वसूलने वाले नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
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