15 दिन बाद मथुरा में मिला गाजियाबाद से लापता हुए डेयरी संचालक का शव

150 किलोमीटर दूर बहकर गंगा नहर पहुंचा शरीर शव, परिजनों ने फोटो से की ओमकार के शव की शिनाख्त

गाजियाबाद।
 लोनी से लापता डेयरी संचालक ओमकार का शव 15 दिन बाद मथुरा के मांट स्थित गंगा नहर से बरामद हुआ है। स्वजनों ने फोटो के माध्यम से शव की शिनाख्त कर ली है। शव मिलने की पुष्टि होने के बाद, पीड़ित परिवार और ग्रामीणों द्वारा न्याय की मांग को लेकर रविवार को बुलाई गई महापंचायत को फिलहाल स्थगित करने का फैसला किया गया है। 
29 मई को हुआ था सनसनीखेज हत्याकांड: लोनी के गनौली गांव निवासी 44 वर्षीय डेयरी संचालक ओमकार को 29 मई की सुबह करीब 6:30 बजे बदमाशों ने उस समय घेर लिया था, जब वे घर के काम से बाहर जा रहे थे। पुरानी रंजिश और पंचायत में हुई पिटाई की बेइज्जती का बदला लेने के लिए आरोपियों ने उन पर 10 से 12 राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। गोली मारने के बाद बदमाश ओमकार को मृत या अधमरी हालत में जबरन स्विफ्ट कार की डिग्गी में ठूंसकर अपने साथ ले गए थे। 
 मेरठ की नहर में फेंका था शव, बहकर पहुंचा मथुरा: शुरुआती जांच में गिरफ्तार हुए 50 हजार के इनामी आरोपी मोहित ने पुलिस को बताया था कि हत्या के बाद उन्होंने शव को मेरठ के पूठखास पुल के पास गंगनहर में फेंक दिया था। इसके बाद से ही एनडीआरएफ, स्थानीय गोताखोर और गाजियाबाद पुलिस की 14 से अधिक टीमें मेरठ से लेकर बुलंदशहर के बीच कई झालों पर शव की तलाश में जुटी थीं। पानी के तेज बहाव के कारण शव करीब 150 किलोमीटर दूर बहकर मथुरा के मांट क्षेत्र की गंग नहर तक पहुंच गया, जिसे आखिरकार बरामद कर लिया गया। 
 भारी जनाक्रोश के बाद पुलिस ने की ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां: इस हत्याकांड और शव न मिलने के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा था। लोगों ने बंथला-चिरोड़ी मार्ग जाम कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज की और शनिवार तड़के मुठभेड़ के बाद 50 हजार के इनामी मुख्य आरोपी गौरव नागर को पैरों में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस अब तक 21 से अधिक आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। पारिवारिक स्थिति: ओमकार का शव मिलने की सूचना के बाद से गनौली गांव और पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपा जाएगा।

ALERT AFSARSHAHI

-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने