एफ-जोन नोटिफिकेशन की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे लोग
नई दिल्ली। बदरपुर विधानसभा क्षेत्र के हरी नगर, मीठापुर और जैतपुर इलाकों में दिल्ली नगर निगम द्वारा ओ-जोन (O-Zone) के बोर्ड लगाए जाने के बाद क्षेत्र की 52 कॉलोनियों के निवासियों में अपने घरों पर संभावित तोड़फोड़ कार्रवाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। इलाके के लोग लगातार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से मुलाकात कर अपने घरों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर हरी नगर वार्ड में मीठापुर और जैतपुर के बड़ी संख्या में निवासी एकत्र हुए और हस्ताक्षर अभियान चलाया। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस अभियान के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर उनकी कॉलोनियों को ओ-जोन से हटाकर एफ-जोन (F-Zone) में शामिल करने की मांग की जाएगी।
91 अनधिकृत कॉलोनियों में लगा ओ-जोन बोर्ड: दिल्ली नगर निगम द्वारा राजधानी की 91 अनधिकृत कॉलोनियों में ओ-जोन के बोर्ड लगाए गए हैं, जिनमें से 52 कॉलोनियां अकेले बदरपुर विधानसभा क्षेत्र में स्थित हैं। बोर्ड लगने के बाद से लोगों में भय का माहौल है और वे अपने घरों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। क्षेत्रवासी लगातार दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और जनप्रतिनिधियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। उनका कहना है कि ओ-जोन के कारण वे अपने मकानों की मरम्मत, निर्माण या खरीद-फरोख्त भी नहीं कर पा रहे हैं।
पदयात्रा निकालकर उठाई एफ-जोन की मांग: प्रदर्शन और पदयात्रा के दौरान मीठापुर, हरी नगर और जैतपुर के लोग आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सरजीत चौकन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने ओ-जोन से हटाकर एफ-जोन का नोटिफिकेशन जारी करने की मांग की। सरजीत चौकन ने कहा कि दक्षिणी दिल्ली के सांसद, स्थानीय विधायक और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता लगातार आश्वासन दे रहे हैं कि ओ-जोन के दायरे में आने वाले किसी भी मकान को नहीं तोड़ा जाएगा। इसके लिए क्षेत्रवासी उनका धन्यवाद करते हैं, लेकिन वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहते हैं। उन्होंने कहा, "जिस प्रकार कोर्ट के आदेश के बाद हमारे क्षेत्र में ओ-जोन लागू हुआ, उसी तरह सरकार हमारी 52 कॉलोनियों को एफ-जोन में शामिल करने का नोटिफिकेशन जारी करे। जब तक हमारी यह मांग पूरी नहीं होती, हमारा संघर्ष और प्रदर्शन जारी रहेगा।"
मकान न बन पा रहे, न बिक रहे: प्रदर्शन में शामिल स्थानीय निवासी नितिन ने बताया कि उनका क्षेत्र यमुना नदी से लगभग पांच किलोमीटर दूर है, इसके बावजूद उसे ओ-जोन में शामिल कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि लोग न तो अपने घरों की मरम्मत कर सकते हैं और न ही नया निर्माण करा सकते हैं। उन्होंने कहा, "लोग इतने परेशान हैं कि अपने मकान बेचकर यहां से जाना चाहते हैं, लेकिन ओ-जोन के कारण मकान बिक भी नहीं रहे हैं।" वहीं प्रदर्शन में शामिल गुरबक्ष सिंह ने बताया कि वर्ष 2010 में कांग्रेस सरकार के दौरान हरी नगर, मीठापुर और जैतपुर क्षेत्रों को ओ-जोन में शामिल किया गया था। अब नगर निगम द्वारा चारों तरफ ओ-जोन के बोर्ड लगाए जाने के बाद लोगों में डर और बढ़ गया है। उन्होंने कहा, "हमें डर है कि कहीं किसी दिन हमारे घरों पर बुलडोजर कार्रवाई न हो जाए। हम चाहते हैं कि सरकार एफ-जोन का नोटिफिकेशन जारी कर हमारी चिंता हमेशा के लिए दूर करे।"
सांसद ने भी मुख्यमंत्री से की मुलाकात: दक्षिणी दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने भी इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात की है। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया है कि ओ-जोन के दायरे में आने वाले किसी भी मकान को नहीं तोड़ा जाएगा। हालांकि, क्षेत्र की जनता का कहना है कि उन्हें केवल मौखिक आश्वासन नहीं, बल्कि ओ-जोन से एफ-जोन में शामिल करने का आधिकारिक नोटिफिकेशन चाहिए, ताकि वे अपने भविष्य को लेकर पूरी तरह निश्चिंत हो सकें।
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