महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने किया प्रदर्शन, सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग
गाजियाबाद। रामनगर स्थित नेहरू युवा केंद्र की सार्वजनिक भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर स्थानीय निवासियों का आक्रोश सोमवार को सड़कों पर दिखाई दिया। क्षेत्र के लोगों ने गाजियाबाद सांसद के जनप्रतिनिधि राजेंद्र मित्तल पर नेहरू युवा केंद्र परिसर की भूमि पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नेहरू युवा केंद्र का खुला परिसर क्षेत्र के लोगों के लिए सुबह-शाम टहलने, बच्चों के खेलने और सामाजिक गतिविधियों का एकमात्र प्रमुख स्थान है। आरोप है कि इस सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण किए जाने से स्थानीय निवासियों की सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं और बच्चों के खेलकूद के लिए उपलब्ध स्थान भी समाप्त होता जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की तथा प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। लोगों ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर निर्माण गतिविधियां जारी हैं, जबकि स्थानीय निवासियों की आपत्तियों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराने के लिए मजबूर होना पड़ा। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र के लोगों का एकमात्र सार्वजनिक खुला स्थान पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन, नगर निगम और संबंधित विभागों से मांग की कि नेहरू युवा केंद्र की भूमि पर चल रहे कथित अतिक्रमण और निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए। साथ ही सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर पुनः आम नागरिकों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाए।
स्थानीय निवासियों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि यदि सरकारी अथवा सार्वजनिक संपत्ति पर किसी प्रकार का अवैध कब्जा किया गया है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। हालांकि इस मामले में समाचार लिखे जाने तक संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
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