धोखाधड़ी और कब्जे की शिकायत पर प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, मौके पर पहुंचकर दिलाया कब्जा
गाजियाबाद। जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से एक बुजुर्ग महिला को महज पांच दिनों के भीतर उसका मकान वापस मिल गया। विजयनगर निवासी चंचल की शिकायत पर जिलाधिकारी रवींद्र कुमार के निर्देश के बाद प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए महिला को उसके मकान का कब्जा दिलाया। जानकारी के अनुसार, चंचल ने 26 मई को जिलाधिकारी से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके मकान पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। महिला का आरोप था कि मसूरी निवासी ताज मोहम्मद ने कथित रूप से धोखाधड़ी कर उनके मकान पर कब्जा कर लिया और बाद में उसे पड़ोस में रहने वाले मोमिन को बेच दिया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने डीसीपी सिटी और एसडीएम सदर को मामले की जांच के निर्देश दिए। अधिकारियों ने मामले की जांच कर तथ्यों को संकलित किया और रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी।
मौके पर पहुंचकर दिलाया कब्जा: जांच पूरी होने के बाद सोमवार को जिलाधिकारी स्वयं प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में आवश्यक कार्रवाई करते हुए महिला को उसके मकान का कब्जा वापस दिलाया गया।
डेढ़ लाख के उधार से शुरू हुआ विवाद: जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने बताया कि जांच में सामने आया कि ताज मोहम्मद ने चंचल को करीब डेढ़ लाख रुपये उधार दिए थे। आरोप है कि बाद में ब्याज की राशि बढ़ाकर बताई गई और विवाद के दौरान मकान का कब्जा दूसरे व्यक्ति को सौंप दिया गया। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर प्रशासन ने हस्तक्षेप कर महिला को न्याय दिलाया।
भू-माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस: डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार गरीब, कमजोर और जरूरतमंद लोगों के साथ किसी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। भू-माफिया, अवैध कब्जाधारियों तथा अवैध सूदखोरी में संलिप्त लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है।
मकान वापस मिलने पर जताया आभार: मकान का कब्जा वापस मिलने के बाद भावुक हुईं चंचल ने जिला प्रशासन, गाजियाबाद पुलिस और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चली आ रही परेशानी समाप्त होने से उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है।
मौके पर पहुंचकर दिलाया कब्जा: जांच पूरी होने के बाद सोमवार को जिलाधिकारी स्वयं प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में आवश्यक कार्रवाई करते हुए महिला को उसके मकान का कब्जा वापस दिलाया गया।
डेढ़ लाख के उधार से शुरू हुआ विवाद: जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने बताया कि जांच में सामने आया कि ताज मोहम्मद ने चंचल को करीब डेढ़ लाख रुपये उधार दिए थे। आरोप है कि बाद में ब्याज की राशि बढ़ाकर बताई गई और विवाद के दौरान मकान का कब्जा दूसरे व्यक्ति को सौंप दिया गया। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर प्रशासन ने हस्तक्षेप कर महिला को न्याय दिलाया।
भू-माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस: डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार गरीब, कमजोर और जरूरतमंद लोगों के साथ किसी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। भू-माफिया, अवैध कब्जाधारियों तथा अवैध सूदखोरी में संलिप्त लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है।
मकान वापस मिलने पर जताया आभार: मकान का कब्जा वापस मिलने के बाद भावुक हुईं चंचल ने जिला प्रशासन, गाजियाबाद पुलिस और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चली आ रही परेशानी समाप्त होने से उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है।
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