कोडीन तस्करी के दो आरोपियों पर गाजियाबाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 15 करोड़ की संपत्ति फ्रीज, अब 12 माह के लिए निरुद्ध

यूपी सलाहकार बोर्ड ने PIT-NDPS एक्ट में विभोर राणा और विशाल सिंह के निरुद्धि आदेश की पुष्टि की, गाजियाबाद में 10 वर्षों में पहली कार्रवाई

गाजियाबाद।
कोडीन युक्त कफ सिरप की बड़े पैमाने पर अवैध तस्करी के मामले में गाजियाबाद पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस कमिश्नरेट द्वारा आरोपी विभोर राणा और विशाल सिंह के खिलाफ Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act, 1988 (PIT-NDPS Act) के तहत की गई निरुद्धि कार्रवाई की उत्तर प्रदेश सलाहकार बोर्ड, माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद ने पुष्टि कर दी है। दोनों आरोपियों को इस अधिनियम के अंतर्गत 12 माह तक निरुद्ध किया गया है।
गाजियाबाद कमिश्नरेट में विगत 10 वर्षों के दौरान PIT-NDPS Act के तहत की गई यह पहली कार्रवाई बताई जा रही है। इससे पहले दोनों आरोपियों की करीब 15 करोड़ रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्ति को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68(ई) और 68(एफ) के अंतर्गत फ्रीज किया जा चुका है।  
1150 पेटी कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद: पुलिस उपायुक्त नगर/ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल ने बताया कि  मामला 3 और 4 नवंबर 2025 की रात का है, जब स्वाट टीम, अपराध शाखा और थाना नंदग्राम पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मेरठ रोड स्थित मछली गोदाम परिसर में बरेली-गोरखपुर ट्रांसपोर्ट के गोदाम पर छापेमारी की थी। इस दौरान कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर वहां खड़े चार ट्रकों से कुल 1150 पेटी कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद किया गया। बरामद माल में 850 पेटी Eskuf Cough Syrup और 300 पेटी Phensydyl Cough Syrup शामिल थी। इसके अलावा मौके से एक क्रेटा कार, 10 मोबाइल फोन, सिम कार्ड और फर्जी मोहरें भी बरामद की गई थीं। इस मामले में थाना नंदग्राम पर एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के साथ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। 
विवेचना में सामने आए दोनों आरोपी: पुलिस विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर विभोर राणा और विशाल सिंह के नाम प्रकाश में आए। दोनों को मामले में गिरफ्तार किया गया और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उनके खिलाफ आरोप पत्र भी प्रेषित किया गया। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी लंबे समय से कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी में संलिप्त रहे हैं। आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, लखनऊ और गाजियाबाद में विभिन्न आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। 
जमानत के बाद दोबारा तस्करी की आशंका पर निरुद्धि:
 
डीसीपी धवल जायसवाल के अनुसार, दोनों आरोपियों की आपराधिक गतिविधियों और पूर्व के मामलों को देखते हुए यह आशंका थी कि संबंधित मामले में जमानत मिलने के बाद वे पुनः इसी प्रकार के अवैध कारोबार में संलिप्त हो सकते हैं। इसे देखते हुए ऑपरेशन प्रहार के अंतर्गत अपराध शाखा और थाना नंदग्राम पुलिस ने PIT-NDPS Act, 1988 के तहत दोनों आरोपियों के विरुद्ध निरुद्धि की कार्रवाई की। पुलिस द्वारा पारित निरुद्धि आदेश का परीक्षण उत्तर प्रदेश सलाहकार बोर्ड, माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा किया गया, जिसके बाद निरुद्धि आदेश की पुष्टि कर दी गई। 
NDPS एक्ट और PIT-NDPS एक्ट में अंतर: डीसीपी के अनुसार, NDPS Act, 1985 के तहत मादक पदार्थों और मनःप्रभावी पदार्थों से जुड़े अपराधों में गिरफ्तारी, मुकदमा और सजा का प्रावधान है। वहीं PIT-NDPS Act, 1988 का उद्देश्य अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल व्यक्तियों को भविष्य में ऐसी गतिविधियों से रोकने के लिए निवारक निरोध की कार्रवाई करना है। इस कार्रवाई को गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट द्वारा नशे के अवैध कारोबार और संगठित ड्रग तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि ऐसे संगठित गिरोहों के विरुद्ध आगे भी कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

ALERT AFSARSHAHI

-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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