दिल्ली: सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में 5 की मौत, सीएम रेखा गुप्ता बोलीं- दोषी बख्शे नहीं जाएंगे

नई दिल्ली।
साउथ दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार दोपहर पांच मंजिला इमारत के ढहने से हुए हादसे में रात होते-होते 5 लोगों की मौत की खबर सामने आई वहीं 9 लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है। घायलों में से 3 को एम्स ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है। चश्मदीदों ने बताया कि जो बिल्डिंग गिरी उसमें 'हॉस्टल डेज' नाम से बॉयज पीजी चल रहा था। जब इमारत ढही तो ऐसा लगा कि जैसे भूकंप आ गया हो। रविवार को छुट्टी होने के चलते अधिकांश बच्चे पीजी में ही थे। यहां की गलियां काफी संकरी और भीड़भाड़ वाली हैं, इसलिए एंबुलेंस को निकालने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है. अब तक कुछ लोगों को मलबे से निकाला जा चुका है लेकिन अब भी बड़ी संख्या में लोग अंदर दबे हुए हैं, राहत और बचाव का काम चल रहा है। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
बताया जा रहा है कि इस बिल्डिंग के मालिक हरिओम बंसल और उनके भाई आनंद बंसल हैं जो गुरुग्राम के रहने वाले हैं और उनके तीन से चार पीजी चलते हैं। चश्मदीदों का कहना है कि बिल्डिंग की बेसमेंट में काम चल रहा था, एक महीने पहले एक नोटिस भी दिया गया था। चश्मदीदों के मुताबिक एक साल पहले इस बिल्डिंग को खाली कराया गया था। साथ ही यह भी जानकारी सामने आई है कि इस बिल्डिंग में पीजी दो महीने पहले शुरू हुआ था। दिल्ली पुलिस का कहना है  कि स्थानीय स्तर पर जांच से पता चला कि यह 40-50 साल पुरानी बिल्डिंग थी, जिसमें एक बेसमेंट और पांच ऊपरी मंजिलें थीं। इस बिल्डिंग का इस्तेमाल PG के तौर पर किया जाता था। जब यह हादसा हुआ तब बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। अब तक 8 लोगों को बचाकर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
बता दें कि राजधानी दिल्ली में तीन माह में दूसरी बार इमारत बनाने में लापरवाही जानलेवा साबित हुई। गत 30 मई को सैदुलाजाब में पांच मंजिला इमारत गिरने से मेडिकल के छह छात्रों की मौत का मामला लोग भूले भी नहीं थे कि रविवार को सत्य निकेतन इलाके में करीब 80 गज में बनी पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। पिछले चार साल में सत्य निकेतन इलाके में यह दूसरी घटना है। इससे पहले 25 अप्रैल 2022 को एक पुरानी तीन मंजिला इमारत में अवैध मरम्मत कार्य के दौरान हादसा हुआ। इसमें दो मजदूरों की मौत हो गई थी। रविवार का हादसा मोती बाग स्थित शिव मंदिर के पास सत्य निकेतन क्षेत्र में दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ। इस गंभीर हादसे ने एक बार फिर नगर निगम (एमसीडी) के बिल्डिंग विभाग की कार्यशैली और निगरानी तंत्र पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
एमसीडी का भवन विभाग फिर सवालों के घेरे में:
घटना को लेकर आप प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के भवन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने सत्य निकेतन हादसे की तुलना साकेत में हुई इमारत गिरने की घटना से करते हुए आरोप लगाया कि पूर्व में ऐसे हादसों के बावजूद भवन सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। सौरभ भारद्वाज ने भवन विभाग में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के तबादले की कीमत 1.25 करोड़ रुपये तक बताई जाती है। उन्होंने कहा कि जब व्यवस्था में इस तरह का भ्रष्टाचार होगा तो भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना मुश्किल होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हादसों के बाद बिल्डिंग आॅडिट के नाम पर कार्रवाई शुरू होती है और कारोबारियों, जिम, होटल तथा अस्पतालों से कथित तौर पर बड़ी रकम वसूली जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर भवन सुरक्षा की स्थिति में पर्याप्त बदलाव नहीं होता। उन्होंने भवन विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
सवाल तो यह भी उठ रहा है कि हर वार्ड में निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए बिल्डिंग विभाग के अधिकारी और कर्मचारी तैनात होते हैं। रिहायशी और कमर्शियल हब में हो रहे बदलावों की भनक अधिकारियों को क्यों नहीं लगी? क्या यह जमीनी स्तर पर अधिकारियों की सीधी लापरवाही या मिलीभगत का मामला है? एक प्रत्यक्षदर्शी ने आरोप लगाया कि इमारत में बेसमेंट बनाने का काम चल रहा था। उसके मुताबिक, ऊपर के हिस्से को मजबूत किया गया था, लेकिन नीचे के पिलर कमजोर थे। उसने दावा किया कि ग्राउंड फ्लोर पर किराए के लिए जगह तैयार करने के उद्देश्य से इमारत में बदलाव और निर्माण कार्य किया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, नीचे काम कर रहे कुछ मजदूर भी मलबे में दब गए. हालांकि, हादसे की असली वजह क्या थी और क्या निर्माण या स्ट्रक्चरल बदलाव के कारण इमारत गिरी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। बहरहाल, सत्य निकेतन पीजी बिल्डिंग हादसे के बाद एमसीडी का भवन विभाग एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों से सवालों के घेरे में और इसीलिए सियासी संग्राम शुरू हो गया है। 
सीएम रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का जायजा लिया, 
बोलीं- दोषी बख्शे नहीं जाएंगे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा किया। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि बिल्डिंग के बेसमेंट में काम चल रहा था, जो भी अफसरों की लापरवाही है। सख्त कार्यवाही की जाएगी। इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर इस हादसे को लेकर दुख जताया। उन्होंने कहा कि सत्य निकेतन, आरके पुरम में बिल्डिंग गिरने की घटना से बहुत परेशान हूं। DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विसेज़, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चला रही हैं। सावधानी के तौर पर पास की बिल्डिंग को खाली करा दिया गया है। फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बचाने और प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद देने की हर मुमकिन कोशिश की जा रही है। हालात पर करीब से नज़र रखी जा रही है, और सभी संबंधित एजेंसियां ​​मिलकर काम कर रही हैं। हर नागरिक की सुरक्षा और भलाई हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। दिल्ली के LG तरनजीत सिंह संधू और स्पेशल CP (लॉ एंड ऑर्डर) नीरज ठाकुर, सत्य निकेतन में गिरी PG बिल्डिंग वाली जगह पर चल रहे बचाव कार्य का जायजा लेने पहुंचे। 

ALERT AFSARSHAHI

-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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