3.25 बिटकॉइन और 29 इथरियम हड़पने का आरोप; क्रिप्टो वॉलेट हैक होने की झूठी कहानी बताकर पीड़ित को किया गुमराह
गाजियाबाद। क्रिप्टो करेंसी में निवेश और ट्रेनिंग के नाम पर करीब 3.5 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में थाना साइबर क्राइम कमिश्नरेट गाजियाबाद पुलिस ने एक आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पीड़ित को क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर उसके नाम पर क्रिप्टो वॉलेट बनाने और उसमें करेंसी जमा कर ट्रेनिंग देने का भरोसा दिलाया। इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर 3.25 बिटकॉइन और 29 इथरियम अपने कब्जे में लेकर उन्हें बेच दिया।पुलिस के मुताबिक इस मामले में नितिन सिंघल, निवासी मुरादनगर की शिकायत पर थाना साइबर क्राइम कमिश्नरेट गाजियाबाद में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही थी। विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने मामले में आरोपी आकाश बंसल (39) पुत्र नीरज बंसल, निवासी मानसरोवर पार्क, शाहदरा, दिल्ली को चिन्हित किया और उसे 5 सितंबर 2026 को मानसरोवर पार्क थाना क्षेत्र, दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।
मुनाफे का झांसा देकर बनवाया क्रिप्टो वॉलेट: पूछताछ में पुलिस के अनुसार आरोपी ने नितिन सिंघल को क्रिप्टो करेंसी में निवेश और ट्रेनिंग के जरिए भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया। आरोपी ने पीड़ित के नाम पर क्रिप्टो करेंसी वॉलेट बनाकर उसमें करेंसी जमा कराने और ट्रेनिंग देने का भरोसा दिलाया। आरोपी के झांसे में आकर नितिन सिंघल ने स्वयं और अपने परिचितों से करीब 3.5 करोड़ रुपये की क्रिप्टो करेंसी खरीदकर आरोपी के बताए वॉलेट में जमा कर दी। इसमें 3.25 बिटकॉइन और 29 इथरियम शामिल थे।
करेंसी बेचकर रकम नकद लेने का आरोप: पुलिस के अनुसार आरोपी ने कथित तौर पर पीड़ित को धोखा देकर उसके नाम पर वॉलेट बनाने के बजाय अपने नियंत्रण वाले वॉलेट में क्रिप्टो करेंसी जमा करा ली। बाद में आरोपी ने इस क्रिप्टो करेंसी को नरोत्तम और अमन नाम के लोगों को बेचकर रकम नकद प्राप्त कर ली। इसके बाद क्रिप्टो वॉलेट को डिलीट कर दिया गया। जब पीड़ित ने अपनी क्रिप्टो करेंसी के बारे में जानकारी मांगी तो आरोपी ने कथित तौर पर वॉलेट हैक होने और किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा पूरी क्रिप्टो करेंसी निकाल लिए जाने की बात कही।
एक्सचेंज से मिली अहम जानकारी: पुलिस ने आरोपी के क्रिप्टो करेंसी वॉलेट की डिटेल संबंधित एक्सचेंज से प्राप्त की। एक्सचेंज से मिली जानकारी और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच के दौरान पुलिस को आरोपी द्वारा कथित साइबर धोखाधड़ी से जुड़े साक्ष्य मिले। पुलिस के अनुसार इस अपराध में आरोपी की पत्नी मनीषा बंसल की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस उसकी तथा नरोत्तम और अमन की तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपी आकाश बंसल की उम्र 39 वर्ष है और उसने आठवीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले में पुलिस आगे की जांच और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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