महज 24 घंटे में 61 हजार से ज्यादा पीयूसीसी जारी, 3746 वाहनों के चालान कटे
नई दिल्ली: दिल्ली में प्रदूषण से बिगड़े हालात से लोग बुरी तरह प्रभावित हैं. ऐसे में गुरुवार से लागू कड़े निर्णय का असर है कि बीते 24 घंटे में 61 हज़ार से ज्यादा प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र बनवाने के लिए वाहन चालक अलग-अलग केंद्रों पर पहुंचे. वाहनों से होने वाला प्रदूषण कम करने के लिए ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ अभियान और बीएस-6 से कम मानक वाले गैर-दिल्ली वाहनों की एंट्री पर गुरुवार से सख्ती की गई है. पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिरसा ने दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर और जनपथ समेत कई पेट्रोल पंपों पर अचानक पहुंचकर ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ के पालन की स्थिति देखी. उन्होंने पंप स्टाफ से बातचीत कर उन्हें निर्देश दिए कि वे शांत और विनम्र रहते हुए नियमों को सख्ती से पालन करें. मंत्री ने स्पष्ट साइनबोर्ड, घोषणाओं और बेहतर कतार व्यवस्था के भी निर्देश दिए. इसके अलावा सरकार कार-पूल ऐप विकसित करने और ग्रीन दिल्ली ऐप को एआई आधारित फीचर्स के साथ अपग्रेड करने पर काम कर रही है, ताकि नागरिकों की शिकायतों का तेज समाधान हो और जनभागीदारी बढ़े। मंत्री ने कहा कि ग्रैप-4 के तहत जारी निर्देशों के बावजूद कुछ निजी कार्यालय अभी भी कम से कम 50 प्रतिशत स्टाफ को वर्क-फ्रॉम-होम की अनुमति नहीं दे रहे हैं. उन्होंने ऐसे संस्थानों को पालन करने के निर्देश दिए और कहा कि नियम न मानने पर कार्रवाई की जा सकती है. प्रदूषण नियंत्रण के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आदेशों के तहत राजधानी में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का चौथा चरण यानी ग्रेप-4 लागू है. इसी के तहत सघन जांच अभियान चलाए गए और नियमों के उल्लंघन पर चालान की कार्रवाई की गई. इस संबंध में दिल्ली परिवहन विभाग व दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार इस विशेष अभियान के लिए कुल 210 प्रवर्तन टीमें तैनात की गईं. इनमें 126 टीमें दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की और 84 टीमें दिल्ली परिवहन विभाग की थीं.
अभियान के दौरान बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के चल रहे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा 2,743 चालान काटे गए, जबकि दिल्ली परिवहन विभाग ने 316 चालान जारी किए. इसके अतिरिक्त, ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन प्रणाली के माध्यम से 687 चालान किए गए. इस तरह बिना PUC वाले वाहनों के खिलाफ कुल 3,746 चालान दर्ज किए गए. इसके अलावा ग्रेप नियमों के उल्लंघन के मामलों में भी कार्रवाई हुई. रिपोर्ट के अनुसार उल्लंघन पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 363 चालान काटे, जबकि दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा 34 चालान किए गए. इस श्रेणी में कुल 397 चालान दर्ज किए गए.
पीयूसीसी और चालान की स्थिति
17 दिसंबर को दिल्ली में 29,938 पीयूसीसी जारी किए गए. वहीं 18 दिसंबर को शाम 5:20 बजे तक 31,974 नए प्रमाणपत्र जारी हुए. इस तरह करीब एक दिन में कुल संख्या 61 हजार के पार पहुंच गई. परिवहन विभाग का मानना है कि पेट्रोल-डीजल भरवाने से पहले पीयूसीसी बनवाने वालों की संख्या और बढ़ेगी. वहीं पिछले 24 घंटों में बिना वैध पीयूसीसी के 3746 वाहनों के चालान किए गए. पहले दिन दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीमों ने बॉर्डर प्वाइंट्स पर लगभग 5000 वाहनों की जांच की और नियमों का उल्लंघन करने वाले 568 वाहनों को वापस भेजा।