योगी सरकार की गठित एसआईटी में तीन सदस्य भी शामिल
अंतर्राष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क को तोड़ने की सौंपी गई है जिम्मेदारी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी और फर्जी फर्मों के माध्यम से अरबों की कमाई के सनसनीखेज मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया है. योगी सरकार द्वारा गठित एसआईटी में 3 सदस्य होंगे, जिसकी कमान आईपीएस अधिकारी को सौंपी गई है. एसआईटी की कमान एलआर कुमार (2006 बैच के आईपीएस) आईजी कानून व्यवस्था को सौंपी गई है. इसके साथ ही सुशील घुले चन्द्रभान एसएसपी, एसटीएफ सदस्य, अखिलेश कुमार जैन सहायक आयुक्त मुख्यालय, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन सदस्य के रूप में रहेंगे.
यह जानकारी सचिव मोहित गुप्ता की ओर से जारी की गई है. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, प्रमुख सचिव संजय प्रसाद, खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) सचिव रोशन जैकब और डीजीपी राजीव कृष्ण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. डीजीपी राजीव कृष्ण ने स्पष्ट किया कि कोडीन कफ सिरप का इस्तेमाल बीमारी के लिए नहीं, बल्कि नशे के लिए कराया जा रहा है. एसआईटी को इस मामले की जड़ तक पहुंचने और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क को तोड़ने का जिम्मा सौंपा गया है.
जांच के प्रमुख बिंदु क्या होंगे-
कोडीन युक्त सिरप की तस्करी: फर्जी फर्मों के जरिए अरबों की अवैध कमाई की जांच करना. तस्करी में हुए अवैध वित्तीय लेन-देन का ब्योरा जुटाना, नेपाल और बांग्लादेश में सिरप की तस्करी के नेटवर्क की जांच करना. गिरोह के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल, उसके परिवार और अन्य सहयोगियों के दुबई भागने के मामले में आरोपियों के प्रत्यर्पण के लिए काम करना.
गैंग का ब्योरा: बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह, अमित टाटा और पूर्व सांसद के करीबी समेत 20 से अधिक गिरफ्तार आरोपियों के नेटवर्क का ब्योरा जुटाना, वाराणसी से लेकर पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश व नेपाल तक फैले तस्करी रूट की जांच करना. आरोपियों की फर्जी फर्मों और उनके संदिग्ध लेन-देन की जांच करना.एसआईटी को एक माह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपनी होगी.
एसआईटी अधिकारियों का परिचय: एलआर कुमार (अध्यक्ष) 2006 बैच के तमिलनाडु मूल के आईपीएस अधिकारी हैं. वे NIA में चार साल तक एसपी के रूप में काम कर चुके हैं. बलरामपुर, ललितपुर, फिरोजाबाद, देवरिया, प्रतापगढ़, बदायूं और सीतापुर में बतौर एसपी/एसएसपी सेवाएं दे चुके हैं.
सुशील कुमार घुले (सदस्य) महाराष्ट्र मूल के अधिकारी, मौजूदा समय में एसएसपी एसटीएफ हैं. हाथरस, कासगंज, मऊ, सीतापुर और बरेली जैसे 5 जिलों में एसएसपी रह चुके हैं.
अखिलेश कुमार जैन (सदस्य) सहायक आयुक्त रैंक के अधिकारी हैं, जो एफएसडीए मुख्यालय में तैनात हैं. ड्रग्स डिपार्टमेंट से जुड़े होने के कारण वे इस पूरे मामले की बारीकियों को समझते हैं.