निजी संस्था को काम सौंपने के फैसले के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, मांग मनवाने को सड़क पर लगाया जाम
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश पंजीकरण विभाग द्वारा ई-रजिस्ट्रेशन पहल के तहत दस्तावेज पंजीकरण का कार्य एक निजी संस्था को सौंपने के प्रस्ताव के विरोध में बुधवार को गाजियाबाद बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने एमएमएच कॉलेज चौराहे पर एकत्र होकर सरकार के इस फैसले के खिलाफ नारेबाजी की और इसे अधिवक्ताओं के हितों के विपरीत बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि दस्तावेज पंजीकरण का कार्य निजी हाथों में सौंपने से न केवल पारदर्शिता प्रभावित होगी, बल्कि इससे अधिवक्ताओं की आजीविका पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि ई-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था के नाम पर निजीकरण को बढ़ावा देना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे और उन्होंने एकजुट होकर पंजीकरण विभाग के प्रस्ताव का विरोध दर्ज कराया।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि ई-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था के नाम पर निजीकरण को बढ़ावा देना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे और उन्होंने एकजुट होकर पंजीकरण विभाग के प्रस्ताव का विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि ई-रजिस्ट्रीकरण का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए अथवा स्टांप वेंडरों और दस्तावेज लेखकों की भूमिका को संरक्षित किया जाए। साथ ही, उनके लिए वैकल्पिक रोजगार की लिखित गारंटी और अधिवक्ताओं एवं बैनामा लेखकों के हितों की सुरक्षा के लिए कानून बनाया जाए। प्रदर्शन में तहसील सदर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा, सचिव दीपक वार्ष्णेय एडवोकेट, पूर्व मीडिया प्रभारी कमल सिंह एडवोकेट, पूर्व सचिव विकास त्यागी एडवोकेट, सुशांत कुमार जॉनी एडवोकेट, दस्तावेज लेखक अनिल कुमार, निरंजन सिंह सिसोदिया, हाकिम सिंह एडवोकेट, दिवाकर एडवोकेट, विनोद कुमार गौतम एडवोकेट, तहसील बार इंचार्ज अमित कुमार शर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और तहसील बार के पदाधिकारी शामिल रहे।
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