यह फैसला क्रिसमस और नए साल के जश्न के मद्देनजर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है: रेखा गुप्ता
नई दिल्ली: गोवा के नाइट क्लब में हाल ही में हुई भीषण आगजनी की घटना, जिसमें 25 लोगों की जान चली गई, इसके मद्देनजर दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस ने राजधानी के सभी होटलों, क्लबों और रेस्तरांओं के व्यापक फायर सेफ्टी इंस्पेक्शन के आदेश दिए हैं. यह फैसला क्रिसमस और नए साल के जश्न के मद्देनजर अहम बताते हुए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन करने वाले या वैध लाइसेंस के बिना संचालित होने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त और तत्काल कार्रवाई की जाए. बुधवार को दिल्ली फायर सर्विस के प्रिंसिपल डायरेक्टर ए नेदुचेजियां ने आदेश जारी कर सभी डिविशनल ऑफिसर को अपने-अपने क्षेत्र के स्टेटस रिपोर्ट जमा करने को कहा है.
उधर, सरकार ने फायर सेफ्टी अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर भी काम कर रही है, ताकि प्रतिष्ठान के मालिक स्वेच्छा से नियमों का पालन करें. दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में मौजूद हजारों होटलों और क्लबों में से केवल कुछ ही के पास वर्तमान में वैध अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र हैं, जिससे स्थिति की गंभीरता स्पष्ट होती है. दिल्ली पुलिस ने प्रमुख पार्टी क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है और क्लबों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि अग्निशामक यंत्र चालू हों, निकास मार्ग बाधित न हों और बिजली का लोड नियंत्रित हो. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली फायर सर्विस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आग से सुरक्षा से संबंधित एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) जारी करने की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुगम बनाया जाए, ताकि होटल, रेस्तरां, नाइट क्लब, मल्टीप्लेक्स और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों आदि को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े. उन्होंने कहा कि एनओसी प्रणाली का उद्देश्य व्यापारियों को हतोत्साहित करना नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि फायर विभाग को सभी प्रकार के आधुनिक उपकरणों आदि से सज्जित किया जा रहा है. विभाग के पास किसी भी प्रकार के संसाधन की जरूरत है तो सरकार को सूचित करें, सरकार उसे उपलब्ध कराएगी.
बता दें कि मंगलवार को मुख्यमंत्री ने गोवा अग्निकांड को लेकर सचिवालय में समीक्षा बैठक की थी. बैठक में कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, मुख्य सचिव राजीव वर्मा, फायर सर्विस विभाग और विधि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि यदि किसी नियम के कारण वास्तविक आवेदकों को कठिनाई हो रही है, तो उसे तुरंत सरकार के संज्ञान में लाया जाए ताकि सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें.
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