2700 कैमरों से ग्रेटर नोएडा के चप्पे-चप्पे की होगी निगरानी
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में तकनीकी मदद से चप्पे चप्पे पर निगरानी रखी जाएगी। शहर भर में 2700 से अधिक कैमरे पुलिस प्रशासन की आंख बनेंगे। इस पर 227.60 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। कैमरे लगाने के लिए तीन कंपनियों ने रुचि दिखाई है। एलएंडटी टेक्नोलाजी सर्विसेज ने सोमवार को प्राधिकरण में प्रस्तुतिकरण दिया। इसी माह कंपनी के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इन कैमरों की मदद से शहर की सुरक्षा समेत यातायात प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। एलएंडटी टेक्नोलाजी की ओर से प्रस्तुतिकरण के दौरान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के समीप स्थित गोलचक्कर पर कैमरे और ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए। अधिकारियों ने कंपनी द्वारा दिए गए प्रस्तुतिकरण का बारीकी से अध्ययन किया। कंपनियों की प्रतिनिधियों से कई जानकारी लीं। अधिकारियों का कहना है कि दो अन्य एनआइसी, रेलटेल कंपनियों का प्रस्तुतिकरण भी जल्द हो जाएगा। नए साल में कैमरे लगाने का काम शुरू होगा।
कैमरे लगाकर ग्रेटर नोएडा को सेफ सिटी के तौर पर तैयार किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सेफ सिटी और आधुनिक यातायात प्रबंधन परियोजना के तहत ग्रेटर नोएडा व ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सभी गोलचक्करों, बाजारों, सरकारी कार्यालयों, सेक्टरों, शहर के प्रवेश द्वार समेत 350 जगहों पर 2700 से अधिक कैमरे लगाने की योजना है। सभी कैमरे प्राधिकरण में बने एकीकृत कंट्रोल रूम से जुड़े होंगे। परियोजना पर 227.60 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यातायात प्रबंधन के लिए यातायात पुलिस की मदद से कैमरे के स्थानों को चिह्नित कर लिया गया है। इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट के जरिए रियल टाइम ट्रैफिक, मानिटरिंग की जाएगी। प्रणाली के लागू होने से यात्रा समय में कमी और जाम का समाधान मिलेगा। चौराहों पर यातायात व्यवस्था सुचारु बनाने में मदद मिलेगी। प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक अश्विनी चतुर्वेदी का कहना है कि तीन कंपनियों ने कैमरे लगाने में रुचि दिखाई है। एक कंपनी की ओर से सोमवार को प्रस्तुतिकरण दिया गया है। जल्द ही दो अन्य कंपनियों का भी प्रस्तुतिकरण होगा।
इन प्रमुख स्थानों पर कैमरे लगेंगे: परी चौक, एलजी गोलचक्कर, अमृतपुरम, सेक्टर पीथ्री, सूरजपुर, सूरजपुर प्रवेश द्वार, गौड़ सिटी चौक, अल्फा कार्मिशल बेल्ट, जगत फार्म, शहर के सभी गोलचक्कर, बाजार, सेक्टरों के गेट