प्राइवेट कंपनियों से वापस लिया जा रहा वाहन फिटनेस टेस्टिंग का काम, वाहन मालिकों को बड़ी राहत
गाजियाबाद। जिला संभागीय परिवहन विभाग (आरटीओ ऑफिस) ने 15 तरह के वाहनों की फिटनेस टेस्टिंग प्राइवेट कंपनियों से वापस लेकर वाहन मालिकों को बड़ी राहत दी है। नई व्यवस्था के तहत अब यह काम सीधे आरटीओ ऑफिस में होगा। पहले यह काम डासना के फिटनेस सेंटर में होता था।
अधिकारियों के मुताबिक, ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट का पोर्टल अपडेट किया जा रहा है। पहले, इंस्पेक्शन प्राइवेट फिटनेस सेंटरों के ज़रिए होते थे, जहां वाहन मालिकों को एक्स्ट्रा चार्ज और परेशानियां झेलनी पड़ती थीं। प्राइवेट कंपनी से फिटनेस सर्टिफिकेट लेने के बाद वाहन मालिकों को फिर से आरटीओ ऑफिस जाना पड़ता था।
कमर्शियल पावर टिलर, एग्रीकल्चरल ट्रैक्टर, पावर टिलर, हार्वेस्टर, वाहन में लगी विंच, फोर्कलिफ्ट, क्रेन लगी गाड़ियां, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट गाड़ियां, रोड रोलर और डंपर, एक्सकेवेटर और बुलडोजर, अर्थ-मूविंग इक्विपमेंट, कमर्शियल एक्सकेवेटर और कमर्शियल कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट की फिटनेस टेस्टिंग जल्द ही आरटीओ ऑफिस में शुरू होगी।इस संबंध में आरआई विवेक सिंह खरवार ने बताया कि नई व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और वाहन मालिकों को बेवजह की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
दोहरी दौड़-भाग से मिलेगा छुटकारा: निजी कंपनी में फिटनेस जांच कराने के बाद वाहन का प्रमाणपत्र आरआई की संस्तुति के बाद ही हो रहा है। इन वाहन स्वामियों को फिटनेस के बाद आरटीओ जाना पड़ता है लेकिन नई व्यवस्था लागू होेने पर 15 प्रकार के वाहनों की फिटनेस जांच भी आरटीओ में होगी और यहीं से प्रमाणपत्र भी जारी हो जाएगा। इससे वाहन स्वामियों को राहत मिलेगी।