अन्तर्राष्ट्रीय आर्य महावेबिनार के दूसरे दिन राष्ट्रीय एकता व संस्कृति पर हुई चर्चा

हमारी संस्कृति की रक्षा गुरुकुलीय पद्धति से ही हो सकती है: आर्य रवि देव गुप्ता
युवा ही राष्ट्र का भविष्य: विमल चड्ढा (नेरोबी)
राष्ट्रीय एकता अखंडता की मिसाल थे स्वामी श्रद्धानन्द: गवेन्द्र शास्त्री

गाजियाबाद। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के 48 वें वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में त्रिदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय आर्य महावेबिनार के दूसरे दिन का आयोजन ज़ूम पर ऑनलाइन किया गया। वैदिक विद्वान आचार्य अखिलेश्वर जी महाराज (हरिद्वार) ने राष्ट्र रक्षा यज्ञ से शुभारंभ किया, उन्होंने राष्ट्र रक्षा के सुरक्षा मन्त्रों से आहुतियां डलवाई। उनके साथ आर्य परिवारों ने अपने अपने घर पर एक साथ यज्ञ किया।
द्वितीय सत्र स्वामी श्रद्धानंद बलिदान शताब्दी सम्मेलन में मुख्य वक्ता रवि देव गुप्ता ने कहा कि स्वामी श्रद्धानन्द स्वामी दयानन्द के ऐसे शिष्य थे जिन्होंने ऋषियों की परम्पराओं का पालन करते हुऐ गुरुकुल कांगड़ी की स्थापना हरिद्वार में की।उन्होंने बताया कि लार्ड मैकाले की शिक्षा पद्धति के द्वारा देश का विकास नहीं हो सकता,बच्चों में संस्कार व हमारी संस्कृति की रक्षा गुरुकुलीय पद्धति से ही हो सकती है। उन्होंने बताया कि स्वामी श्रद्धानन्द के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम अपने जीवन में  परमात्मा के प्रति श्रद्धा रखें और आर्य समाज के उत्थान में अपना तन मन और धन लगा दें। विमल चड्ढा (नेरोबी ) ने कहा कि युवा ही देश का भविष्य हैं,उन्हें कैसे हम आर्य समाज से जोड़े? इस पर चिंतन करना है। यदि घर-घर यज्ञ का प्रचार किया जाए तो इससे परिवार,समाज और राष्ट्र मजबूत बनेगा।स्वामी दयानंद के मार्ग पर चलकर हम अपने आप को गौरवान्वित महसूस करते हैं।
न्यूजीलेंड से हरीश सचदेवा ने कहा कि हम उच्च नीच के भेदभाव से उपर उठकर जातिवाद के जहर को समाप्त कर कार्य करें। वैदिक प्रवक्ता आचार्य गवेन्द्र शास्त्री  ने कहा कि स्वामी श्रद्धानन्द जी का जीवन भटकते लोगों के लिये प्रकाश पुंज के समान है।हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेकर देश की एकता अखंडता के लिये कार्य करना चाहिए,यह गर्व की बात है कि आर्य समाज के लोगों में देश भक्ति का जज्बा कूट कूट कर भरा हुआ है जो अत्यंत प्रशंसनीय है।स्वामी श्रद्धानन्द राष्ट्रीय एकता और अखण्डता की ज्वलंत मिसाल थे।
केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि वर्तमान परिवेश में समाज के ज्वलंत मुद्दों का हल कर के आर्य समाज विश्व मे नेतृत्व प्रदान कर सकता है।साथ ही नई पीढ़ी को सुसंस्कारित करने को एक लक्ष्य बना कर चलना होगा मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ओम सपरा ने स्वामी श्रद्धानंद की वह बात याद दिलाई जिसमें उन्होंने कहा था कि हमें लेखन और व्याख्यान का कार्य रुकना नहीं चाहिए। आजकल हम सोशल मीडिया का प्रयोग कर इस कार्य को गति दे सकते हैं। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के महामंत्री महेंद्र भाई,राम कुमार आर्य,डा सौरभ आर्य,प्रेम हंस (ऑस्ट्रेलिया),देवेन्द्र भगत, सुरेश आर्य,दुर्गेश आर्य, द्रोपदी तनेजा, प्रतिभा कटारिया ने भी मार्गदर्शन दिया। गायिका पिंकी आर्या,प्रवीण आर्य, संतोष श्रीधर,कुसुम भंडारी,सुदेश आर्या,जनक अरोड़ा,रजनी गर्ग, बिंदु मदान आदि ने स्वामी श्रद्धानंद -गुणगान अपने गीतों के माध्यम से करके श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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