भोपुरा चौक पर बीएसईएस ने केबल बिछाने के लिए कर दी खुदाई, फिर प्रदूषण से जूझेंगे लोग
समाजसेवी सेवाराम कसाना बोले-यह नई मुसीबत, जब तक सड़क नहीं बनेगी तब तक झेलनी होगी धूल-मिट्टी की मार
गाजियाबाद। एनसीआर में प्रदूषण रोकने के लिए शासन और प्रशासन तरह-तरह के उपाय तलाश रहा है वहीं दिल्ली से सटे गाजियाबाद में भी प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रशासन कई कदम उठाने के दावे करता है मगर ट्रांस हिंडन का भोपुरा ऐसा क्षेत्र बन चुका है जहां प्रदूषण में सांस लेना लोगों की नियती बनता जा रहा है। यहां किसी न किसी विकास कार्य के लिए खुदाई का काम शुरू कर दिया जाता है और प्रदूषण नियंत्रण के मानकों की अनदेखी की जाती है। खुदाई के बाद महीनों लोगों को धूल मिट्टी के गुबार से जूझना पड़ता है। पिछले कुछ दिनों से यहां के लोग थोड़ी राहत की सांस ले रहे थे कि सोमवार रात एक बार फिर भोपुरा चौक पर रातों रात बीएसईएस ने केबल डालने के लिए किए खुदाई कर डाली, मंगलवार सुबह जब लोगो ने देखा तो उनके होश उड़ गए। दरअसल, भोपुरा चौक पर सोमवार की रात्रि बीएसईएस ने सड़क की खुदाई कर दिया जब लोग सुबह उठे तो देखा कि खाफी गहरी खुदाई करके केबल डाली जा रही हैं। स्थानीय निवासी चौधरी सेवाराम कसाना का कहना है कि पहले से वायु प्रदूषण की समस्या झेल रहे थे और अब एक नई मुसीबत खड़ी हो गई। उनका कहना है कि बीएसईएस ने रोड कटिंग का पैसा जमा कर दिया मगर पीडब्ल्यूडी गाजियाबाद सड़क नही बनाएगी जिससे धूल-मिट्टी का गुबार घरों में भरता रहेगा। भोपुरा गांव आने जाने वाले लोगो को सांस लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। गाजियाबाद पीडब्ल्यूडी के एई का कहना हैं कि बीएसईएस ने रोड कटिंग का पैसा जमा कर दिया हैं, जब संवाददाता ने यह जानने की कोशिश की कि कितना पैसा जमा किया गया है तो उन्होंने कहा कि जेई साहब से बात कर लो। वही बीएसईएस के इंचार्ज जितेंदर सिंह का कहना हैं कि हमारी एक केबल पहले से डली हुई हैं उसमें बार-बार फाल्ट हो रहा था जिसकी वजह से नई केबल डालनी पड़ रही है। इसके लिए लगभग 100 मीटर की केबल बिछाई गई हैं। ये लाइन कोयल एन्क्लेव बिजली घर से दिल्ली के लिए गई हैं। रोड कटिंग का पैसा पीडब्ल्यूडी में जमा कर दिया गया हैं सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी करेगा।
बता दें कि भोपुरा में इससे पहले भी विकास संबंधी कार्यों के लिए रोड़ की खुदाई की गई थी, तब ठेकेदार ने प्रदूषण रोकने संबंधी नियमों की अनदेखी की और सूखी मिट्टी में ही पाइप लाइन बिछा दी थी। तब काफी दिनों तक वह धूल-मिट्टी स्थानीय लोगों और राहगीरों के लिए परेशानी और अस्थमा जैसी समस्याओं की सबब बनी थी। अब जब एक बार फिर खुदाई कर दी गई है तो स्थानीय लोगों चिंता और भी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि बुनियादी काम होने चाहिए मगर एहतियात के साथ, ताकि आम लोगों को परेशानी न झेलनी पड़े।
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