गाजियाबाद में फर्जी पासपोर्ट के बड़े रैकेट का पर्दाफाश, महिला समेत 5 गिरफ्तार

मोदीनगर के भोजपुर के पतों पर बनवा लिए 22 पासपोर्ट, पोस्टमैन भी था शामिल

नई दिल्ली/गाजियाबाद। मोदीनगर में बड़े फर्जी पासपोर्ट रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। जालसाजों ने भोजपुर इलाके के अधूरे पतों पर 22 पासपोर्ट जारी करवाए, जिनमें सिख समुदाय के लोग शामिल थे। पुलिस ने एक महिला और पोस्टमैन सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि पोस्टमैन अरुण कुमार ने एजेंटों के साथ मिलकर फर्जीवाड़े में अहम भूमिका निभाई। खुफिया एजेंसियां भी इस मामले की जांच कर रही हैं, जिसमें कबूतरबाजी का संदेह है।
गाजियाबाद पुलिस ने इस गिरोह का पदार्फाश करते हुए बताया कि किस तरह सिस्टम की आंखों में धूल झोंककर एक ही पते और नंबर पर 22 पासपोर्ट जारी करवा लिए गए। गाजियाबाद के भोजपुर थाने की पुलिस ने जब इस मामले की गहराई से जांच की, तो पता चला कि यह सिर्फ एक धोखाधड़ी नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ा संगठित नेटवर्क है। भोजपुर कमिश्नरेट पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ कि कई आवेदकों ने गलत पते देकर पासपोर्ट बनवाए। ये लोग उन गांवों में कभी रहे ही नहीं, जिनके पते इन्होंने कागजों में दिखाए थे। पुलिस के मुताबिक, भोजपुर, त्यौड़ी, सैदपुर हुसैनपुर और अतरौली जैसे गांवों के फर्जी पते दिखाकर कम से कम 22 पासपोर्ट जारी किए गए। इस मामले में जब पुलिस ने संबंधित ग्राम प्रधानों से बात की, तो उन्होंने लिखित में पुष्टि की कि ये लोग उनके गांव के निवासी ही नहीं हैं। इस पूरे घोटाले की सबसे अहम कड़ी भोजपुर पोस्ट आफिस का पोस्टमैन अरुण निकला। पूछताछ में अरुण ने पुलिस को बताया कि करीब पांच महीने पहले विवेक गांधी और प्रकाश सुब्बा नाम के दो व्यक्ति उससे मिले थे। उन्होंने अरुण को लालच दिया कि जितने भी पासपोर्ट इन पतों पर आएंगे, उन्हें पते पर न बांटकर सीधे उन्हें दे दिया जाए। इसके बदले पोस्टमैन को हर एक पासपोर्ट पर 2000 रुपये का कमीशन दिया जाता था। पैसों के लालच में आकर पोस्टमैन भी इस बड़ी साजिश का हिस्सा बन गया। पुलिस की जांच में सामने आया कि पासपोर्ट के लिए जो आधार कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य दस्तावेज लगाए गए थे, वे पूरी तरह फर्जी तरीके से तैयार किए गए थे। दिसंबर 2025 में जब दिल्ली के रीजनल पासपोर्ट अधिकारी ने गाजियाबाद पुलिस को इस गड़बड़ी के बारे में पत्र लिखा, तब जाकर पुलिस सक्रिय हुई। यह फजीर्वाड़ा पिछले काफी समय से चल रहा था, जिसमें मुख्य रूप से अगस्त और सितंबर 2022 के दौरान सबसे ज्यादा पासपोर्ट बनाए गए थे।
25 लोगों पर गिरी गाज, पुलिस कर रही है तलाश: इस फजीर्वाड़े में पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कुल 25 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। इसमें पासपोर्ट आवेदक, पोस्टमैन अरुण कुमार और मास्टरमाइंड विवेक गांधी व प्रकाश शुक्ला सहित कई लोग शामिल हैं।  पुलिस ने इस मामले में दलजीत सिंह, महेंद्र कौर, यशोदा राय, बसंती राय, अमनप्रीत कौर, जसनप्रीत कौर, रितु शर्मा, मेघना राणा, राजकुमारी, दलजीत सिंह, महेंद्र कौर, जीत कौर, शमशेर सिंह, इंद्र सिंह, बलविंदर सिंह, मनजीत सिंह, रजमीत सिंह, तरनजीत कौर, सिमरनजीत कौर, जगलीन कौर, गुरनूर कौर, जसकरण सिंह, जपमेहर कौर, पोस्टमैन अरुण कुमार, विवेक गांधी और प्रकाश शुक्ला के खिलाफ बीएनएस की गंभीर धाराओं और आईटी एक्ट में केस दर्ज किया है। इन सभी के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत केस दर्ज किया गया है। अभी पोस्टमैन अरुण कुमार, विवेक गांधी और प्रकाश शुक्ला समेत दो पासपोर्ट धारकों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब ये जांच कर रही है कि इन पासपोर्ट का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था और कहीं ये कबूतरबाजी नेटवर्क से तो नहीं जुड़ा है। साथ ही इस बात की भी जांच हो रही है कि क्या सरकारी सिस्टम के कुछ और लोग भी इस गिरोह से मिले हुए थे।

ALERT AFSARSHAHI

-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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