वेदों का ज्ञान पूरे विश्व को देना है: भुवनेश खोसला (अमेरिका)
वैदिक विज्ञान से समाज में एकता आएगी और ईश्वर पर श्रद्धा बढ़ेगी: निश्चल (यूएसए)
गाजियाबाद। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के 48वें वार्षिकोत्सव पर अन्तर्राष्ट्रीय आर्य महावेबिनार का ऑनलाइन आयोजन सोमवार को सौल्लास सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य अखिलेशवर जी महाराज (हरिद्वार) ने राष्ट्र रक्षा यज्ञ के साथ किया। गायिका पिंकी आर्या, सुदेश आर्या, रजनी गर्ग, जनक अरोड़ा बिन्दु मदान, नन्दनी आदि के भजन हुए। अमेरिका आर्य समाज के प्रधान भुवनेश खोसला ने कहा कि आज पूरा विश्व ज्ञान का प्यासा है उन्हें वेदों का ज्ञान आर्य समाज को देना है।आर्य समाज को साइंटिफिक तरीके से मेंटल चलेंज पर कार्य करना होगा। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद युवा निर्माण व संस्कार देने का कार्य कर रही हैं जोकि सराहनीय है।उन्होंने आगे कहा कि विदेशों में भारतीय संस्कृति के प्रति अत्यन्त आस्था है और सभी पर्व उत्साहपूर्ण मनाए जाते हैं।
मुख्य वक्ता अतुल सहगल ने आर्य समाज की भूमिका और योगदान पर विचार रखते हुए कहा आर्य समाज के माध्यम से बहुत कार्य हुए हैं परंतु वैश्विक स्तर पर समाज का प्रभाव संतोषजनक नहीं है विश्व में घोर अशांति है, कई जगह युद्ध चल रहे हैं,संकटमयी बादल हैं, पुन: आर्य समाज को अवलोकन करना होगा।आर्य समाज विश्व में शांति ला सकता है क्योंकि वह वेदों से जुड़ा है और डायरेक्ट प्रभु से जुड़ा है यदि आर्य समाज के 10 नियमों का कठोरता से पालन हो जाए तो विश्व में क्रांतिकारी परिवर्तन हो सकता है हमें आधुनिक टेक्नोलॉजी का भरपूर प्रयोग करना होगा साथ ही अंग्रेजी और अन्य भाषाओं में वैदिक शिक्षा प्रणाली के माध्यम से प्रचार प्रसार करना होगा। अपने चैनल बढ़ाएं जिस पर तरह तरह के विषयों पर विश्व की समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। यूएसए से निश्चल ने कहा कि हमें वैदिक विज्ञान पर कार्य करना होगा जिससे विज्ञान और अध्यात्म की दूरी खत्म होगी समाज में एकता आएगी और ईश्वर पर श्रद्धा बढ़ेगी।
सुधीर बंसल ने कहा कि बढ़ता हुआ पाखंड अंध विश्वास आज भी चुनौती है जिस का उत्तर आर्य जनों को देना है। प्रमुख रूप से वैदिक विद्वान डॉ. आर्य रविदेव गुप्ता,डा सौरभ आर्य, प्रेम हंस (आॅस्ट्रेलिया), हरिओम शास्त्री, विमलेश बंसल, यशोवीर आर्य,दुर्गेश आर्य, आर्यवती (मॉरिशस), विमल चड्ढा (नैरोबी), ओम सपरा, डॉ. रचना चावला, प्रो. करुणा चांदना, श्रुति सेतिया, प्रतिभा कटारिया आदि ने अपने विचार रखे। इस अवसर पर आर्य महिला सम्मेलन,आर्य समाज और युवा गोष्ठी,राष्ट्रीय कवि गोष्ठी, प्रवासी आर्य परिचय सम्मेलन आदि आयोजित किए गए। आचार्य महेन्द्र भाई, प्रवीण आर्य ने धन्यवाद ज्ञापन किया। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कुशल संचालन किया।
सुधीर बंसल ने कहा कि बढ़ता हुआ पाखंड अंध विश्वास आज भी चुनौती है जिस का उत्तर आर्य जनों को देना है। प्रमुख रूप से वैदिक विद्वान डॉ. आर्य रविदेव गुप्ता,डा सौरभ आर्य, प्रेम हंस (आॅस्ट्रेलिया), हरिओम शास्त्री, विमलेश बंसल, यशोवीर आर्य,दुर्गेश आर्य, आर्यवती (मॉरिशस), विमल चड्ढा (नैरोबी), ओम सपरा, डॉ. रचना चावला, प्रो. करुणा चांदना, श्रुति सेतिया, प्रतिभा कटारिया आदि ने अपने विचार रखे। इस अवसर पर आर्य महिला सम्मेलन,आर्य समाज और युवा गोष्ठी,राष्ट्रीय कवि गोष्ठी, प्रवासी आर्य परिचय सम्मेलन आदि आयोजित किए गए। आचार्य महेन्द्र भाई, प्रवीण आर्य ने धन्यवाद ज्ञापन किया। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कुशल संचालन किया।
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