गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में अपना घर बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने करीब डेढ़ दशक यानी 14 साल के लंबे अंतराल के बाद अपनी नई आवासीय भूखंड योजना ‘नंदग्राम भूखण्डीय योजना’ की शुरुआत कर दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को इस महत्वाकांक्षी योजना के ब्रॉशर का विधिवत विमोचन किया. इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गोड, डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ और जीडीए के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
नूरनगर और नंदग्राम में विकसित होगी योजना: यह नई आवासीय योजना गाजियाबाद के विकसित होते इलाके नूरनगर और नंदग्राम (खसरा संख्या 96 एवं 97) में स्थित है. जीडीए अधिकारियों के अनुसार, यह योजना उन लोगों के लिए एक बेहतरीन अवसर है जो शहर के बीचों-बीच नियोजित और सुरक्षित वातावरण में जमीन खरीदना चाहते हैं. लंबे समय बाद आई इस स्कीम को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है.
इस योजना के तहत मध्यम और उच्च आय वर्ग के लोगों की जरूरतों का ध्यान रखा गया है.
प्लॉट का आकार: योजना में न्यूनतम 60 वर्ग मीटर से लेकर अधिकतम 221 वर्ग मीटर तक के भूखंड उपलब्ध कराए गए हैं.
कीमत: प्राधिकरण द्वारा इन प्लॉट की दर 79,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय की गई है.
सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार, योजना में किसी भी प्रकार की धांधली रोकने के लिए आवंटन पूरी तरह से ई-लॉटरी के जरिए किया जाएगा. सफल आवेदकों को पूर्ण भुगतान और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 36 महीने (3 साल) के भीतर जमीन का कब्जा दे दिया जाएगा.
आवेदन एवं भुगतान की व्यवस्था
आवेदन केवल जीडीए की वेबसाइट www.gdaghaziabad.in पर ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।
पंजीकरण धनराशि : भूखंड मूल्य का 10 प्रतिशत (आरक्षित वर्ग के लिए पांच प्रतिशत )
शेष राशि : 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ आठ तिमाही किस्तों में देय होगी।
पूर्ण भुगतान एवं रजिस्ट्री के बाद 36 माह के भीतर कब्जा प्रदान किया जाएगा
निवेश के लिहाज से क्यों खास है यह स्कीम?: नंदग्राम इलाका कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है. यहां से रैपिड रेल, मेट्रो और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक पहुंचना आसान है. 14 साल बाद आई इस सरकारी स्कीम के कारण प्रॉपर्टी बाजार में भी हलचल तेज हो गई है, क्योंकि निजी डेवलपर्स की तुलना में सरकारी योजनाओं में निवेश अधिक सुरक्षित माना जाता है.
इस योजना के तहत मध्यम और उच्च आय वर्ग के लोगों की जरूरतों का ध्यान रखा गया है.
प्लॉट का आकार: योजना में न्यूनतम 60 वर्ग मीटर से लेकर अधिकतम 221 वर्ग मीटर तक के भूखंड उपलब्ध कराए गए हैं.
कीमत: प्राधिकरण द्वारा इन प्लॉट की दर 79,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय की गई है.
सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार, योजना में किसी भी प्रकार की धांधली रोकने के लिए आवंटन पूरी तरह से ई-लॉटरी के जरिए किया जाएगा. सफल आवेदकों को पूर्ण भुगतान और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 36 महीने (3 साल) के भीतर जमीन का कब्जा दे दिया जाएगा.
आवेदन एवं भुगतान की व्यवस्था
आवेदन केवल जीडीए की वेबसाइट www.gdaghaziabad.in पर ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।
पंजीकरण धनराशि : भूखंड मूल्य का 10 प्रतिशत (आरक्षित वर्ग के लिए पांच प्रतिशत )
शेष राशि : 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ आठ तिमाही किस्तों में देय होगी।
पूर्ण भुगतान एवं रजिस्ट्री के बाद 36 माह के भीतर कब्जा प्रदान किया जाएगा
निवेश के लिहाज से क्यों खास है यह स्कीम?: नंदग्राम इलाका कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है. यहां से रैपिड रेल, मेट्रो और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक पहुंचना आसान है. 14 साल बाद आई इस सरकारी स्कीम के कारण प्रॉपर्टी बाजार में भी हलचल तेज हो गई है, क्योंकि निजी डेवलपर्स की तुलना में सरकारी योजनाओं में निवेश अधिक सुरक्षित माना जाता है.
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