दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़े 4 आरोपी, सभी बागपत के निवासी
नई दिल्ली। दिल्ली की शकरपुर थाना पुलिस ने फर्जी बैंक रिकवरी एजेंट बनकर वाहन चालकों से जबरन वसूली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ये बदमाश बागपत से दिल्ली आकर 'ईजी रिकवरी' ऐप के जरिए बकाया ईएमआई वाले वाहन मालिकों को निशाना बनाते थे।
पूर्वी दिल्ली के डीसीपी राजीव कुमार ने रविवार को बताया कि शकरपुर थाना पुलिस ने सड़कों पर अवैध वसूली करने वाले नकली रिकवरी एजेंटों के गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गैंग ने हाल ही में एक व्यक्ति को डरा धमकाकर आॅनलाइन 18,000 रुपये वसूल कर लिए थे। पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए शकरपुर पुलिस ने जाल बिछाया और चारों आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने इनके पास से पांच मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल हुई एक सफेद कार बरामद की है। गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों में प्रिंस, आकाश उर्फ अक्कू, शिवम और टीटू हैं। इनके पास से पांच मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली कार बरामद की गई है। पूछताछ में पता चला कि यह गैंग पेंडिंग ईएमआई वाले वाहन मालिकों को गाड़ी जब्त होने का डर दिखाकर जबरन वसूली कर रहा था। वाहन मालिक भी मामले को रफा-दफा करने के नाम पर पैसे ट्रांसफर कर देते थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। सबसे पहले तो यह जान लीजिए कि रिकवरी एजेंट बैंक द्वारा बकाया ऋण वसूलने के लिए नियुक्त किया जाता है। ईएमआई पेंडिंग होने की स्थिति में सबसे पहले आपको घबराना नहीं है। अगर कोई एजेंट आपसे संपर्क कर डराता धमकाता है तो सबसे पहले उससे पहचान पत्र की मांग करें। अगर वह पहचान पत्र दिखाने से इनकार करें तो उसपर भरोसा न करें। डीसीपी ने आमजन को आगाह किया है कि किसी भी फर्जी कॉल और ईमेल पर अपनी व्यक्तिगत और गोपनीय जानकारी शेयर न करें। रिकवरी एजेंट के खिलाफ शिकायत दर्ज करने के लिए बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन या आरबीआई शिकायत पोर्टल का इस्तेमाल करें।
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