जब तक शासन से निर्णय नहीं आता तब तक किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं: अपर नगर आयुक्त
गाजियाबाद। शहर में पिछले कई दिनों से हाउस टैक्स के मुद्दे पर उबल रहा व्यापारियों का आक्रोश रविवार को शांत हो गया। नगर निगम के अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार के सफल हस्तक्षेप और संवाद के बाद व्यापार मंडल ने अपना धरना प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा की। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक शासन स्तर से हाउस टैक्स की नई दरों या राहत पर अंतिम निर्णय नहीं आता, तब तक किसी भी करदाता के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
व्यापारियों को संबोधित करते हुए अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार ने बताया कि गाजियाबाद नगर निगम शहरवासियों और व्यापारियों की समस्याओं से भली-भांति अवगत है। उन्होंने जानकारी दी कि हाउस टैक्स के संदर्भ में राहत दिलाने हेतु निगम प्रशासन लगातार शासन (लखनऊ) के संपर्क में है और वहां सकारात्मक वार्ता चल रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही शासन स्तर से कोई बड़ा निर्णय लिया जाएगा।
व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों गोपीचंद और अशोक चावला ने एक स्वर में मांग उठाई कि टैक्स वसूली के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न और सख्ती तुरंत बंद की जाए। इस पर वरिष्ठ प्रभारी टैक्स एवं मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एस.के. राय ने मौके पर ही ऐलान किया कि शासन का अंतिम निर्णय आने तक बकायेदारों पर किसी प्रकार की प्रतिकूल या सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी। महानगर उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष रामकिशोर अग्रवाल ने निगम अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि व्यापार जगत हमेशा विकास में सहायक रहा है, लेकिन अनुचित टैक्स का बोझ स्वीकार्य नहीं है। अधिकारियों के ठोस आश्वासन के बाद उन्होंने आधिकारिक रूप से धरना समाप्त करने की घोषणा की। इस वार्ता और समझौता प्रक्रिया के दौरान सिटी जोन के जोनल प्रभारी आर.पी. सिंह, व्यापार मंडल के महानगर वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश स्वामी सहित बड़ी संख्या में व्यापारी नेता और निगम के अधिकारी मौजूद रहे।
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