गाजियाबाद में जनगणना कार्य में लापरवाही पर प्रशासन सख्त, 200 कर्मचारियों को नोटिस

10 कर्मचारियों पर एफआईआर, डीएम बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं


गाजियाबाद।
जनगणना-2026 के कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ गाजियाबाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ के निर्देश पर करीब 200 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि गंभीर अनियमितता पाए जाने पर 10 कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। 
देशभर में जनगणना-2026 का पहला चरण शुरू हो चुका है। गाजियाबाद में भी घर-घर जाकर मकान सूचीकरण और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर अपडेट करने का कार्य तेजी से चल रहा है। इसी दौरान कई कर्मचारियों की लापरवाही सामने आने पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ कर्मचारी समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंच रहे हैं। कई स्थानों पर प्रगणक बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए, जबकि कुछ कर्मचारियों ने फील्ड में गए बिना ही अधूरा और गलत डेटा भरकर औपचारिकता पूरी कर दी।
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने तीन स्तरीय जांच के निर्देश दिए। एसडीएम, तहसीलदार और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में करीब 200 कर्मचारियों के कार्य में गंभीर खामियां पाई गईं। जिला प्रशासन ने प्रथम चरण में सभी संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर वेतन रोकने के साथ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
वहीं 10 कर्मचारियों के खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया है। इन कर्मचारियों पर बिना फील्ड विजिट किए फॉर्म भरने, फर्जी एंट्री करने और जानबूझकर गलत डेटा दर्ज करने के आरोप हैं। जिला सांख्यिकी अधिकारी की तहरीर पर संबंधित थानों में सरकारी कार्य में बाधा और कूटरचना की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसी के आधार पर सरकार की योजनाएं तैयार की जाती हैं। उन्होंने कहा कि सभी प्रगणकों और सुपरवाइजरों को पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है, इसके बावजूद लापरवाही करना गंभीर अनुशासनहीनता है। डीएम ने बताया कि प्रतिदिन सभी एसडीएम से जनगणना कार्य की प्रगति रिपोर्ट ली जा रही है। जिन क्षेत्रों में कार्य की गति धीमी है, वहां अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना कार्य से जुड़े सभी कर्मचारियों की निगरानी मोबाइल एप और जीपीएस लोकेशन के माध्यम से की जा रही है। इससे यह पता लगाया जा रहा है कि कर्मचारी वास्तव में फील्ड में मौजूद हैं या नहीं।
साथ ही सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त किया जाए। अब किसी भी कर्मचारी की ड्यूटी हटाने के लिए जिलाधिकारी स्तर से अनुमति आवश्यक होगी।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आगामी निरीक्षण में यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ सीधे निलंबन और एफआईआर जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि जनगणना-2026 इस बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जा रही है। प्रशासन का मानना है कि गलत आंकड़ों से भविष्य की विकास योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं, इसलिए इस बार जनगणना कार्य में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है।

ALERT AFSARSHAHI

-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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