फूड कोर्ट, कैफे और रिटेल आउटलेट्स को मिलेगा अवसर, 17 जून तक आवेदन
नई दिल्ली। दिल्ली–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के प्रमुख स्टेशन सराय काले खां को एक आधुनिक ट्रांजिट एवं व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एनसीआरटीसी ने बड़ा कदम उठाया है। निगम ने स्टेशन के ग्राउंड फ्लोर पर उपलब्ध कमर्शियल स्पेस की लाइसेंसिंग के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। इच्छुक कारोबारी और संस्थान 17 जून 2026 तक ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।निविदा के तहत स्टेशन परिसर में चिन्हित आठ व्यावसायिक इकाइयों को लाइसेंस पर दिया जाएगा। कुल 818 वर्ग मीटर (करीब 8,800 वर्ग फुट) क्षेत्र में फैले इन स्पेस में निर्मित और अनिर्मित दोनों प्रकार की इकाइयां शामिल हैं। इनका आकार 17 वर्ग मीटर से लेकर 247 वर्ग मीटर तक है। लाइसेंस अवधि 9 से 15 वर्ष निर्धारित की गई है। इन स्थानों पर कैफे, फूड एवं बेवरेज आउटलेट, कन्विनिएंस स्टोर, सर्विस सेंटर, पॉड सेवाएं तथा अन्य रिटेल गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी। इससे यात्रियों को स्टेशन परिसर में ही आवश्यक सेवाएं उपलब्ध होंगी और यात्रा अनुभव अधिक सुविधाजनक बनेगा।
यात्रियों और स्थानीय लोगों को होगा लाभ: एनसीआरटीसी के अनुसार स्टेशन परिसर में व्यावसायिक सुविधाओं के विकास से न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि आसपास के आवासीय क्षेत्रों के निवासियों को भी दैनिक जरूरतों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगी। इससे स्टेशन परिसर एक सक्रिय सामाजिक एवं आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित होगा।
मल्टी-मोडल हब के रूप में बढ़ रही पहचान: सराय काले खां स्टेशन दिल्ली–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के सबसे बड़े स्टेशनों में शामिल है। यह हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन, वीर हकीकत राय आईएसबीटी, दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन और रिंग रोड से सीधा जुड़ा हुआ है। हाल ही में यात्रियों की सुविधा के लिए 280 मीटर लंबा ट्रैवलेटर युक्त कवर्ड फुट ओवरब्रिज शुरू किया गया है, जिससे हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन और नमो भारत स्टेशन के बीच निर्बाध आवागमन संभव हो गया है। इससे इंटरचेंज की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान और आरामदायक बनी है।
व्यावसायिक निवेश के लिए आकर्षक केंद्र: दिल्ली के मध्य स्थित होने और भविष्य में बड़ी संख्या में यात्रियों की संभावित आवाजाही को देखते हुए यह स्टेशन व्यावसायिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार सराय काले खां क्षेत्र ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है, जहां वाणिज्यिक और मिश्रित उपयोग वाली परियोजनाओं की व्यापक संभावनाएं हैं।
एनसीआरटीसी का मानना है कि स्थानीय उद्यमियों और सेवा प्रदाताओं की भागीदारी से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा गैर-किराया राजस्व में वृद्धि होगी। निगम का उद्देश्य नमो भारत स्टेशनों को केवल यातायात केंद्र नहीं, बल्कि आधुनिक शहरी जीवनशैली और व्यावसायिक गतिविधियों के जीवंत केंद्र के रूप में विकसित करना है।
टेंडर से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी:
व्यावसायिक निवेश के लिए आकर्षक केंद्र: दिल्ली के मध्य स्थित होने और भविष्य में बड़ी संख्या में यात्रियों की संभावित आवाजाही को देखते हुए यह स्टेशन व्यावसायिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार सराय काले खां क्षेत्र ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है, जहां वाणिज्यिक और मिश्रित उपयोग वाली परियोजनाओं की व्यापक संभावनाएं हैं।
एनसीआरटीसी का मानना है कि स्थानीय उद्यमियों और सेवा प्रदाताओं की भागीदारी से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा गैर-किराया राजस्व में वृद्धि होगी। निगम का उद्देश्य नमो भारत स्टेशनों को केवल यातायात केंद्र नहीं, बल्कि आधुनिक शहरी जीवनशैली और व्यावसायिक गतिविधियों के जीवंत केंद्र के रूप में विकसित करना है।
टेंडर से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी:
कुल कमर्शियल स्पेस : 818 वर्ग मीटर (8,800 वर्ग फुट)
उपलब्ध यूनिट्स : 8
लाइसेंस अवधि : 9 से 15 वर्ष
उपयोग : कैफे, फूड कोर्ट, रिटेल स्टोर, सर्विस सेंटर आदि
आवेदन प्रक्रिया : ई-टेंडरिंग
अंतिम तिथि : 17 जून 2026
उपलब्ध यूनिट्स : 8
लाइसेंस अवधि : 9 से 15 वर्ष
उपयोग : कैफे, फूड कोर्ट, रिटेल स्टोर, सर्विस सेंटर आदि
आवेदन प्रक्रिया : ई-टेंडरिंग
अंतिम तिथि : 17 जून 2026
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