गर्लफ्रेंड के साथ घूमने निकला युवक कीचड़ में फंसी कार निकालने के लिए रच बैठा डूबने का ड्रामा, गिरफ्तार
नोएडा। देर रात पुलिस कंट्रोल रूम पर आई एक कॉल ने पूरे पुलिस और बचाव तंत्र में हड़कंप मचा दिया। कॉल करने वाले युवक ने घबराई आवाज में कहा, “साहब! मुझे बचा लो… मेरी कार गहरे पानी में डूब रही है। मेरे साथ मेरी गर्लफ्रेंड भी है। जल्दी मदद नहीं पहुंची तो हम दोनों की जान जा सकती है।” कुछ महीने पहले नोएडा में युवराज नामक युवक की डूबने से हुई दर्दनाक मौत को देखते हुए पुलिस ने कॉल को बेहद गंभीरता से लिया। सूचना मिलते ही दनकौर थाना प्रभारी मनोज सिंह चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और गोताखोरों की विशेष टीम मौके के लिए रवाना कर दी गई। इलाके में बचाव अभियान की खबर फैलते ही अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस और राहत टीम जब ग्रेटर नोएडा के मंझावली पुल के पास पहुंची तो वहां का नजारा देखकर सभी हैरान रह गए। जिस कार के “गहरे पानी में डूबने” की सूचना दी गई थी, वह सड़क किनारे एक छोटे गड्ढे और कीचड़ भरे इलाके में हल्की-सी फंसी हुई थी। आसपास कहीं भी गहरा पानी, नदी या तालाब नहीं था। कार के अंदर युवक शिवकुमार अपनी महिला मित्र के साथ पूरी तरह सुरक्षित बैठा मिला। जांच के दौरान पता चला कि युवक ने शराब पी रखी थी। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ घूमने आया था और कच्चे रास्ते पर कार कीचड़ में फंस गई थी। काफी प्रयास के बाद भी जब कार नहीं निकली तो उसने पुलिस से मुफ्त मदद पाने के लिए झूठी कहानी बना दी।
आरोपी ने जानबूझकर “कार डूब रही है और जान खतरे में है” जैसी झूठी सूचना देकर पुलिस और बचाव एजेंसियों को गुमराह किया। इस घटना से न सिर्फ सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग हुआ, बल्कि इलाके में अनावश्यक दहशत भी फैल गई। पुलिस ने मौके से ही आरोपी शिवकुमार को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ सरकारी तंत्र को गलत सूचना देने, अधिकारियों को गुमराह करने और शांति भंग करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। मेडिकल परीक्षण के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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