चोरी और फर्जी दस्तावेजों से गाड़ियां बेचने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार

50 लाख रुपये की गाड़ियां बेचकर की थी धोखाधड़ी, फाइनेंस कंपनी की रिकवरी के बाद खुला मामला

साहिबाबाद।
कौशांबी थाना पुलिस ने चोरी और किश्त बकाया (टूटी किश्त) वाली गाड़ियों को फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेचने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को कम कीमत में गाड़ियां बेचकर धोखाधड़ी करता था। पुलिस के अनुसार गिरोह अब तक करीब 50 लाख रुपये की गाड़ियां बेच चुका है  पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी अभिलाष सिंह को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी ने अपना असली नाम आदेश सिंह बताया। पुलिस अब उसके फरार साथियों की तलाश में जुटी है।
एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि सात मार्च को तमिलनाडु के अरियालुर वेन्ननकुरिची, इरुम्बिलिकुरिची निवासी सामीनाथन ने कौशांबी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि अभिलाष सिंह, शिवा, विजय कुमार, विनय कुमार, जर्मन फारुखबाई और उनके अन्य साथियों ने उन्हें चोरी और किश्त बकाया वाली गाड़ियां बेच दी थीं। 
पीड़ित के अनुसार, जब वह एक गाड़ी लेकर जा रहे थे, तभी फाइनेंस कंपनी की रिकवरी टीम ने किश्त जमा न होने की बात कहकर वाहन कब्जे में ले लिया। इसके बाद उन्हें पता चला कि जिन गाड़ियों को खरीदा गया था, वे चोरी की थीं या उन पर फाइनेंस बकाया था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी गिरोह चोरी या फाइनेंस बकाया वाली गाड़ियों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें अलग-अलग राज्यों के लोगों को बेचता था। आरोपी आदेश सिंह ने पूछताछ में फर्जी दस्तावेज बनाकर गाड़ियां बेचने की बात स्वीकार की है। एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

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