एनडीआरएफ को मिला ‘राष्ट्रपति निशान’, अमित शाह ने किया सम्मानित

समारोह के दौरान गृह मंत्री ने देहरादून स्थित एनडीआरएफ रीजनल रिस्पॉन्स सेंटर का वर्चुअल उद्घाटन किया


गाजियाबाद। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल(एनडीआरएफ) को उसकी उत्कृष्ट सेवा, आपदा प्रबंधन में पेशेवर दक्षता और मानवीय सहायता के प्रति समर्पण के लिए प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति निशान’ से सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को गाजियाबाद स्थित 8वीं वाहिनी परिसर में आयोजित भव्य परेड समारोह के दौरान यह सम्मान प्रदान किया।
समारोह में एनडीआरएफ के महानिदेशक पीयूष आनंद सहित बल के वरिष्ठ अधिकारी, बचावकर्मी और उनके परिजन मौजूद रहे। राष्ट्रपति निशान किसी भी सुरक्षा बल को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान माना जाता है, जो अनुशासन, त्याग और राष्ट्रसेवा का प्रतीक है। इस अवसर पर गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो निदेशक तपन कुमार डेका, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य कृष्ण वत्स समेत कई केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के महानिदेशक और राज्यों से आए वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही राष्ट्रीय कैडेट कोर, नागरिक सुरक्षा, नेहरू युवा केंद्र संगठन और ‘आपदा मित्र’ स्वयंसेवकों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। बता दें कि साल 2006 में स्थापना के बाद से एनडीआरएफ ने देशभर में आपदा राहत और बचाव अभियानों में अपनी विशेष पहचान बनाई है। आज बल की 16 बटालियनें 69 स्थानों पर तैनात हैं और इसे “एंजेल्स इन ऑरेंज” यानी “नारंगी वर्दी वाले फरिश्ते” के नाम से भी जाना जाता है। अब तक एनडीआरएफ ने लगभग 12 हजार अभियानों में हिस्सा लेकर 1.5 लाख से अधिक लोगों की जान बचाई है, जबकि 9 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एनडीआरएफ ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है। जापान (2011), नेपाल (2015), तुर्किये (2023), म्यांमार (2025) और श्रीलंका (2025) में राहत एवं बचाव अभियानों के जरिए भारत की मानवीय सहायता क्षमता को मजबूत किया गया। अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि एनडीआरएफ अपनी त्वरित प्रतिक्रिया, आधुनिक तकनीक और मानवीय सेवा भावना के कारण विश्वस्तरीय आपदा प्रतिक्रिया बल के रूप में उभरा है। उन्होंने ड्यूटी के दौरान शहीद हुए एनडीआरएफ के 17 वीर जवानों को श्रद्धांजलि भी दी।
एनडीआरएफ महानिदेशक पीयूष आनंद ने इस अवसर को बल के इतिहास का महत्वपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ लगातार नई तकनीकों और प्रशिक्षण के माध्यम से अपनी क्षमता बढ़ा रहा है। वर्ष 2025 में बल ने 1400 से अधिक अभियानों का संचालन किया, जो अब तक का सर्वाधिक वार्षिक आंकड़ा है। समारोह के दौरान गृह मंत्री ने देहरादून स्थित एनडीआरएफ रीजनल रिस्पॉन्स सेंटर का वर्चुअल उद्घाटन भी किया। साथ ही अगरतला, एर्नाकुलम, नूरपुर, लखनऊ, गंगटोक और गांधीनगर में बनने वाले छह नए केंद्रों की आधारशिला रखी गई।
कार्यक्रम में 10 अधिकारियों को विशिष्ट एवं सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक तथा तीन बचावकर्मियों को उत्तम जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया गया। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के ब्रास एवं पाइप बैंड की प्रस्तुति और एनडीआरएफ जवानों के साहसिक रस्सी बचाव प्रदर्शन ने समारोह का आकर्षण बढ़ाया।

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-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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