200 दुकानें राख, करोड़ों का नुकसान और सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट
नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क स्थित फर्नीचर मार्केट में शुक्रवार देर रात भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई. आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी मार्केट धुएं और लपटों से घिर गई. घटना की सूचना रात 11:57 बजे फायर कंट्रोल रूम को दी गई, जिसके बाद दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर रवाना की गईं. रात करीब 1:20 बजे तक 23 दमकल गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंच चुकी थीं और आग बुझाने का अभियान लगातार जारी रहा. दमकल विभाग के डिप्टी चीफ फायर ऑफिसर डी.बी. मुखर्जी के अनुसार, मार्केट में भारी मात्रा में ज्वलनशील सामान मौजूद था, जिसकी वजह से आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आग को मीडियम कैटेगरी फायर घोषित किया गया. आग पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगने के बाद इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई. लोगों में प्रशासन और दमकल विभाग की कार्रवाई को लेकर गुस्सा भी देखने को मिला. हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि कुछ स्थानीय लोगों ने दमकल विभाग की गाड़ियों पर पथराव कर दिया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी. फिलहाल, किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है.
फर्नीचर मार्केट में बड़ी संख्या में लकड़ी, फोम, प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामग्री रखी हुई थी, जिसके चलते आग लगातार फैलती चली गई. प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है, जबकि राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है. बताया जा रहा है कि करीब 800 से 900 दुकानों में से लगभग 200 दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं. करोड़ों का नुकसान हुआ, लेकिन सबसे बड़ा नुकसान उन सपनों का था, जिन्हें लोगों ने सालों की मेहनत और कर्ज लेकर बनाया था. यह हादसा एक बार फिर सवाल छोड़ गया कि आखिर कब तक लापरवाही की आग मेहनतकश लोगों की जिंदगी जलाती रहेगी?
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