11 दिन के नवजात का अपहरण करने वाला गिरोह बेनकाब: 12 महिलाएं गिरफ्तार, बच्चा सकुशल बरामद

5 आरोपी फरार; 2.90 लाख रुपये के नकली नोट और तीन कारें बरामद


गाजियाबाद।
ट्रोनिका सिटी थाना पुलिस और स्वाट टीम ग्रामीण जोन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 11 दिन के नवजात शिशु के अपहरण का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने मानव तस्करी से जुड़े एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 12 महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के पांच सदस्य अभी फरार हैं। पुलिस ने अपहृत नवजात को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त तीन कारें बरामद की हैं। इसके अलावा 2 लाख 90 हजार रुपये के नकली नोट भी बरामद किए गए हैं। बरामदगी के बाद पुलिस अब नकली नोटों के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
घटना का खुलासा तब हुआ जब 26 मई को बच्ची की मां हिना ने पुलिस को शिकायत दी। उन्होंने आरोप लगाया कि एक महिला उसे बहला-फुसलाकर उनकी नवजात बेटी को घर से लेकर चली गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। बच्ची की तलाश के लिए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद ली। कई दिनों तक चली गहन जांच और लगातार छापेमारी के बाद 2 जून को पुलिस ने गिरोह के 12 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि गिरोह नवजात बच्चों के अपहरण और खरीद-फरोख्त के अवैध कारोबार में लिप्त था। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वाट टीम ग्रामीण जोन और थाना ट्रोनिका सिटी पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर आरोपियों तक पहुंच बनाई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 11 दिन के अपहृत नवजात शिशु को सकुशल बरामद कर लिया।  आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चे को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने गिरोह से जुड़ी 12 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। वहीं तरन्नुम, आरती, नदीम, राजू और दीप्ति नामक पांच आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।
आरोपी बच्चों को दूसरे राज्यों, विशेष रूप से आंध्र प्रदेश में बेचने की तैयारी में थे। गिरोह गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पैसों का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। पुलिस जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी मनोज उर्फ मोनू के खिलाफ राजस्थान के उदयपुर जिले में मानव तस्करी के दो मुकदमे पहले से दर्ज हैं। वहीं आरोपी सुनील कुमार के खिलाफ हरियाणा के हिसार में मारपीट, अवैध शराब और जान से मारने की धमकी देने जैसे मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह प्रतीत होता है, जिसके तार कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मानव तस्करी, नवजातों की खरीद-फरोख्त और नकली नोटों के नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। इस कार्रवाई को स्वाट टीम ग्रामीण जोन तथा थाना ट्रोनिका सिटी पुलिस की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया, जिसकी वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहना की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के पूरे नेटवर्क, उसके संपर्कों और पूर्व में हुई तस्करी की घटनाओं की गहन जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

ALERT AFSARSHAHI

-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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