गाजियाबाद के मसूरी में अवैध मदरसे पर चला बुलडोजर

सरकारी जमीन पर बना था, 1.23 करोड़ का लगा जुर्माना


गाजियाबाद।
बकरीद पर खोड़ा में सूर्या की असद द्वारा निर्ममता से की गई हत्या के बाद गाजियाबाद जिला प्रशासन द्वारा अवैध मदरसों पर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में मसूरी थाना क्षेत्र के कल्लूगढ़ी (डासना) इलाके में प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बने एक अवैध मदरसे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मदरसे के अवैध निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। इस मामले में प्रशासन ने करीब 1 करोड़ 23 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अधिकारियों द्वारा की गई जांच में पाया गया कि यह मदरसा सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनाया गया था। इसके संचालन और निर्माण से संबंधित आवश्यक दस्तावेज व अनुमतियां नियमों के अनुरूप नहीं थीं, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई का निर्णय लिया। बताया जा रहा है कि इस मदरसे में एक समय 150 से अधिक बच्चे पढ़ाई करते थे। हालांकि, यह संस्थान वर्ष 2021 से ही बंद पड़ा था।
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मौके पर राजस्व विभाग, स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें मौजूद रहीं। एडिशनल पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) राजकरण नैयर ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 850 पुलिसकर्मी और आरआरएफ के जवान तैनात किए गए थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों, बिना अनुमति संचालित संस्थानों और नियमों के विपरीत बने निर्माणों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि कानून का उल्लंघन करने वालों पर इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक जिस मदरसे पर बुलडोजर चलाया गया उससे संबंधित भूमि विवाद में भूमि प्रबंधन समिति (ग्राम सभा) बनाम मुतरजा अंसारी उर्फ इम्तियाज इस्लाम के मामले में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 67 के अंतर्गत कार्रवाई की गई। जांच में पाया गया कि ग्राम सभा की भूमि (गाटा संख्या 1548) पर लगभग 1,000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में अवैध कब्जा किया गया था। मामले की रिपोर्ट के आधार पर नोटिस जारी कर सुनवाई की गई। संबंधित पक्ष द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने कब्जे को अवैध माना। 
न्यायालय ने आदेश दिया कि ग्राम सभा की भूमि से अवैध कब्जा हटाया जाए तथा कब्जेदार से 1,23,00,000 (एक करोड़ तेईस लाख रुपये) क्षतिपूर्ति/हर्जाना वसूला जाए। इसके अतिरिक्त भूमि को ग्राम सभा के कब्जे में दिलाने और आवश्यक होने पर पुलिस बल की सहायता से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश 30 जुलाई 2025 को पारित किया गया था।  इसी आदेश के तहत मदरसे पर बुलडोजर चलाने के साथ ही अब जुर्माना राशि वसूलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बता दें कि गाजियाबाद में लगभग 400 मदरसे, कब्रिस्तान सरकारी जमीन पर बने हैं। इनकी सूची अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा तैयार की गई है। हाल ही में उम्मीद पोर्टल पर ऐसे 323 वक्फ संपत्तियों का सूचीकरण निरस्त किया गया है। दावेदारों को दस्तावेज जमा करने के लिए पांच जून तक का समय दिया गया है। संभावना है कि पांच जून के बाद अवैध मदरसों पर कार्रवाई और तेज की जाएगी, जिससे कि अरबों रुपये की सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराया जा सके।

ALERT AFSARSHAHI

-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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