पूर्वी दिल्ली की जिम्मेदारी नीलम चौधरी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली की जिम्मेदारी बृजेश सिंह को मिली, नागरिकों की सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
नई दिल्ली। मानसून और संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों के बीच दिल्ली सरकार ने जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है। राजस्व विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के 12 पार्षदों को विभिन्न जिलों की जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) समितियों का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत की गई इन नियुक्तियों के तहत अर्जुन पाल सिंह मारवाह को दक्षिण-पूर्वी दिल्ली, सुमन कुमार गुप्ता को पुरानी दिल्ली, सुमन कुमारी को उत्तर दिल्ली, मनीष चड्ढा को मध्य दिल्ली, वीना असिजा को मध्य-उत्तरी दिल्ली, सुषमा राठी को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली, योगेश को बाहरी-उत्तरी दिल्ली, ऋतु गोयल को उत्तर-पश्चिम दिल्ली, बृजेश सिंह को उत्तर-पूर्वी दिल्ली, नीलम चौधरी को पूर्वी दिल्ली, धर्मवीर को दक्षिणी दिल्ली तथा शिल्पा कौर को पश्चिमी दिल्ली जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दिल्ली गजट में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, ये उपाध्यक्ष अपने-अपने जिलों में आपदा प्रबंधन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासनिक सहयोग प्रदान करने की महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सरकार का मानना है कि मानसून के दौरान जलभराव, बाढ़ और अन्य संभावित आपदाओं की चुनौतियों को देखते हुए जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है। राजस्व विभाग द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। माना जा रहा है कि इससे आपदा प्रबंधन से जुड़े निर्णयों और राहत कार्यों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ेगी तथा संकट की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी।
उधर, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर पार्षद नीलम चौधरी और बृजेश सिंह ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व एवं दिल्ली सरकार का आभार व्यक्त किया है। दोनों जनप्रतिनिधियों ने कहा कि उनकी प्राथमिकता दिल्लीवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि राजधानी में बरसात के मौसम में जलभराव और बाढ़ जैसी समस्याएं गंभीर चुनौती बन जाती हैं, जिनकी रोकथाम और प्रभावी प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में व्यापक स्तर पर कार्य किया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी संबंधित विभागों के सहयोग से आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाकर नागरिकों को बेहतर सुरक्षा एवं राहत प्रदान की जाएगी।
आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत की गई इन नियुक्तियों के तहत अर्जुन पाल सिंह मारवाह को दक्षिण-पूर्वी दिल्ली, सुमन कुमार गुप्ता को पुरानी दिल्ली, सुमन कुमारी को उत्तर दिल्ली, मनीष चड्ढा को मध्य दिल्ली, वीना असिजा को मध्य-उत्तरी दिल्ली, सुषमा राठी को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली, योगेश को बाहरी-उत्तरी दिल्ली, ऋतु गोयल को उत्तर-पश्चिम दिल्ली, बृजेश सिंह को उत्तर-पूर्वी दिल्ली, नीलम चौधरी को पूर्वी दिल्ली, धर्मवीर को दक्षिणी दिल्ली तथा शिल्पा कौर को पश्चिमी दिल्ली जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दिल्ली गजट में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, ये उपाध्यक्ष अपने-अपने जिलों में आपदा प्रबंधन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासनिक सहयोग प्रदान करने की महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सरकार का मानना है कि मानसून के दौरान जलभराव, बाढ़ और अन्य संभावित आपदाओं की चुनौतियों को देखते हुए जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है। राजस्व विभाग द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। माना जा रहा है कि इससे आपदा प्रबंधन से जुड़े निर्णयों और राहत कार्यों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ेगी तथा संकट की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी।
उधर, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर पार्षद नीलम चौधरी और बृजेश सिंह ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व एवं दिल्ली सरकार का आभार व्यक्त किया है। दोनों जनप्रतिनिधियों ने कहा कि उनकी प्राथमिकता दिल्लीवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि राजधानी में बरसात के मौसम में जलभराव और बाढ़ जैसी समस्याएं गंभीर चुनौती बन जाती हैं, जिनकी रोकथाम और प्रभावी प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में व्यापक स्तर पर कार्य किया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी संबंधित विभागों के सहयोग से आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाकर नागरिकों को बेहतर सुरक्षा एवं राहत प्रदान की जाएगी।
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