गाजियाबाद में नदी किनारे बस गई कालोनियां और हो गए अवैध कब्जे, अब चलेगा पीला पंजा

जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने हाईलेवल मीटिंग कर दिए एक्शन लेने के निर्देश

गाजियाबाद।
हिंडन और यमुना नदी के किनारे हुए अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। हिंडन नदी में बढ़ते प्रदूषण और नदी तटों पर अवैध कब्जों को लेकर प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कवायद तेज कर दी है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर नदी क्षेत्र की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन जल्द ही चिन्हित अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई कर सकता है।
कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में उप जिलाधिकारी लोनी, सिंचाई विभाग, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए), नगर निकायों तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में यमुना और हिंडन नदी के तटवर्ती क्षेत्रों तथा नदी की मूल भूमि पर हुए अतिक्रमणों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व अभिलेखों, सिंचाई विभाग के रिकॉर्ड और उपलब्ध मानचित्रों के आधार पर नदी क्षेत्र की सरकारी भूमि का सत्यापन कर अवैध कब्जों और अतिक्रमणों को चिन्हित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चिन्हित अतिक्रमणों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। नदी क्षेत्र की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण, कब्जा या अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने कहा कि यमुना और हिंडन नदियां केवल जल स्रोत ही नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और क्षेत्रीय पारिस्थितिकी का महत्वपूर्ण आधार हैं। नदी क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त कराना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने संवेदनशील स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर संयुक्त सर्वेक्षण कराने और अभियान चलाकर अवैध कब्जों को हटाने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि नदी तटों पर किए गए अवैध अतिक्रमण पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा हैं। इससे बाढ़ और जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने का जोखिम बढ़ जाता है, जिससे आमजन के जीवन और संपत्ति को नुकसान पहुंच सकता है। नदी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा उत्पन्न होने से आपदा की स्थिति में जनहानि और आर्थिक क्षति की आशंका भी बढ़ जाती है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को कार्रवाई की नियमित समीक्षा करने तथा प्रगति रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि हाल ही में हिंडन नदी के प्रदूषण को लेकर प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया था कि नदी किनारे बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं, जिनका सीवेज सीधे नदी में प्रवाहित हो रहा है। इसके बाद प्रशासन ने नदी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को और तेज कर दिया है।

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-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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