फायर फाइटर्स ने स्टाफ कर्मचारियों को दिया अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण
गाजियाबाद। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल भवन में 3 जून को हुई दर्दनाक अग्निकांड की घटना के बाद प्रदेशभर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा तेज कर दी गई है। महानिदेशक, अग्निशमन एवं आपात सेवा, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर गाजियाबाद कमिश्नरेट क्षेत्र में 9 एवं 10 जून को होटलों, रेस्टोरेंटों और गेस्ट हाउसों में व्यापक अग्नि सुरक्षा जांच अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान इंदिरापुरम, वसुंधरा, साहिबाबाद, लोनी, मुरादनगर, मोदीनगर, राजेंद्र नगर, बजरिया और खोड़ा क्षेत्र सहित कुल 44 होटल, रेस्टोरेंट एवं गेस्ट हाउसों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान अधिकांश प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, जबकि पांच प्रतिष्ठानों में गंभीर कमियां सामने आईं। जिन प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली, उनमें डीके रेजीडेंसी (लोनी), होटल पृथ्वी पैलेस (अंबेडकर रोड), होटल मीनार (बजरिया), होटल कंफर्ट इन (राजेंद्र नगर) तथा होटल लाइमवुड (मोदीनगर) शामिल हैं। इन भवनों के स्वामियों एवं प्रबंधकों को तत्काल अग्निशमन सुरक्षा प्रणालियों को कार्यशील करने के निर्देश दिए गए हैं।
अग्निशमन विभाग की टीम ने निरीक्षण के दौरान भवनों में स्थापित अग्नि सुरक्षा उपकरणों की कार्यशीलता की जांच की तथा वहां मौजूद कर्मचारियों को आग से बचाव, अग्निशमन उपकरणों के उपयोग और उनके रखरखाव के संबंध में प्रशिक्षण एवं आवश्यक जानकारी भी दी। विभाग ने सभी होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों को निर्देशित किया है कि भवन के सभी निकास मार्ग हमेशा अवरोध मुक्त रखें, अग्निशमन सुरक्षा प्रणालियों की नियमित जांच कराएं, ज्वलनशील पदार्थों का अनावश्यक भंडारण न करें तथा बेसमेंट में कूड़ा-कचरा जमा न होने दें।
साथ ही विद्युत वायरिंग और विद्युत भार (लोड) का समय-समय पर परीक्षण कराने की भी सलाह दी गई है, ताकि शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं की संभावना को रोका जा सके। अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जन सुरक्षा सर्वोपरि है और अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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