दिल्ली के 4 लाख झुग्गी परिवारों को मिलेगा पक्का घर

पुनर्वास नीति-2026 को मिली मंजूरी, हर माह जारी होंगे पांच पुनर्वास परियोजनाओं के टेंडर


नई दिल्ली।
दिल्ली के झुग्गी एवं जेजे (झुग्गी-झोपड़ी) क्लस्टरों में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने राजधानी के झुग्गीवासियों के पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दिल्ली स्लम एवं जे.जे. क्लस्टर पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति-2026' को अंतिम रूप दे दिया है। इस नीति के लागू होने से दिल्ली में रहने वाले लगभग 4 लाख परिवारों को पक्के आवास और बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। 
मंगलवार देर शाम केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में इस नीति को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पुनर्वास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने मिशन मोड में काम करने का निर्णय लिया है। नई नीति के तहत प्रत्येक माह कम से कम पांच पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) आधारित पुनर्वास परियोजनाओं के टेंडर जारी किए जाएंगे। इससे निर्माण कार्यों में गति आएगी और झुग्गीवासियों को उनके पक्के घर मिलने की प्रक्रिया तेज होगी। 
अमित शाह ने निर्देश दिए कि पुनर्वास कॉलोनियों के निर्माण के दौरान केवल आवास ही नहीं बल्कि सामाजिक एवं सामुदायिक सुविधाओं का भी समुचित प्रावधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि नई कॉलोनियों में आंगनवाड़ी केंद्र, विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र, खेल मैदान और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

1 जनवरी 2025 होगी पात्रता की कट-ऑफ तिथि: बैठक में यह भी तय किया गया कि झुग्गीवासियों की पात्रता 1 जनवरी 2025 की स्थिति के आधार पर निर्धारित की जाएगी। पात्र परिवारों को चरणबद्ध तरीके से पुनर्वास योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि पुनर्वास का उद्देश्य केवल लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर बसाना नहीं है, बल्कि उनके जीवन स्तर में समग्र सुधार लाना है। इसी उद्देश्य से नई पुनर्वास कॉलोनियों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल विकास और मनोरंजन से जुड़ी सुविधाओं को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित और व्यवस्थित आवास मिलने से झुग्गी बस्तियों में रहने वाले परिवारों के स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक विकास पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। 
जल्द जारी होगी अधिसूचना:
दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने बताया कि नीति को जल्द ही आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया जाएगा। अधिसूचना जारी होते ही परियोजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके साथ ही उन जेजे क्लस्टरों की पहचान और सूची तैयार की जाएगी जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर पुनर्वास योजना में शामिल किया जाएगा। सरकार का दावा है कि यह नीति दिल्ली को एक अधिक सुनियोजित और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। कच्चे और असुरक्षित आवासों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित एवं स्थायी घर मिलने से उनके जीवन में बड़ा बदलाव आएगा। इसके अलावा पीपीपी मॉडल के माध्यम से परियोजनाओं के क्रियान्वयन से पारदर्शिता बढ़ने और भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। यदि योजना का क्रियान्वयन निर्धारित समयसीमा और पारदर्शी तरीके से किया जाता है, तो यह दिल्ली के शहरी परिदृश्य को बदलने वाली सबसे महत्वपूर्ण आवासीय परियोजनाओं में से एक साबित हो सकती है।

ALERT AFSARSHAHI

-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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