उपराज्यपाल के एक्शन के बाद दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने जारी किया नया गश्ती सर्कुलर
नयी दिल्ली। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देश पर दिल्ली में कानून व्यवस्था और ट्रैफिक की आवाजाही को बेहतर करने की दिशा में दिल्ली पुलिस ने एक सर्कुलर जारी किया है। सर्कुलर के तहत दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के जवान वीकेंड ( शनिवार और रविवार) के अलावा हफ्ते अन्य दो दिन शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक मिलकर पैदल गश्त लगाएंगे। पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा की ओर से ये सर्कुलर सभी जिलों के सीनियर पुलिस अधिकारियों और ट्रैफिक यूनिट को जारी किया गया है जिसका मकसद पब्लिक सेफ्टी, मैदान पर पुलिस की ज्यादा मौजूदगी और राजधानी में बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चत करना है। दरअसल हाल में उपराज्यपाल की पुलिस कमिश्नर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बैठक हुई थी। इस बैठक के बाद ही यह सर्कुलर जारी हुआ है। बैठक में क्राइम और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए ऐसी पुलिस व्यवस्था पर जोर देने के लिए कहा था जो कि सक्रिय, मैदान पर ज्यादा दिखे और जनता से सीधे जुड़े।
सीनियर पुलिस अधिकारियों को भी शामिल होना होगा: सर्कुलर में कहा गया है कि जिला और ट्रैफिक विभागों के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस, एडिशनल डीसीपी, एसीपी को भी मैदान पर उतरना होगा। सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि इसे नियमित फील्ड ड्यूटी माना जाए न कि कोई सामान्य प्रशासनिक एक्टिविटी | जवानों की जमीन पर ज्यादा से ज्यादा मौजूदगी हो इसके लिए अधिकारियों को सर्कुलर में निर्देश दिए गए हैं कि वे सुनिश्चित करेंगे की तीन घंटे के टाइम पीरियड (शाम 5 बजे से रात 8 बजे) के दौरान ऑफिस का काम, मीटिंग, कॉन्फ्रेंस और इनडोर रिव्यू सेशन से बचा जाए। इन तीन घंटों का इस्तेमाल पूरी तरह से जमीन पर उतरकर जनता से बातचीत और त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई के लिए हो।
सर्कुलर में किन बातों पर विशेष जोर: सर्कुलर में कहा गया है कि पैदल गश्त के दौरान पुलिस अधिकारी निवासियों, व्यापारियों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन और अन्य संबंधित लोगों से बातचीत करें। गश्त के दौरान अतिक्रमण की पहचान कर उन्हें हटाएं और साथ ही ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए अवैध पार्किंग पर भी सख्ती दिखाएं। इसके साथ ही जवानों को संवेदनशील जगहों पर भी गश्त लगाने के लिए कहा गया है।
पैदल गश्त का रिकॉर्ड रखने के भी निर्देश: सर्कुलर में सभी जिलों और ट्रैफिक यूनिट को पूरे सप्ताह का गश्ती प्लान पहले से तैयार करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही हर पैदल गश्त का रिकॉर्ड और इस दौरान कितने रूट को कवर किया गया, कितने लोगों से बातचीत की गई, कितने अतिक्रमण हटाए, कितने ट्रैफिक संबंधी मामले सुलझाए और अलग-अलग कानून के तहत कितना एक्शन हुआ इसके जानकारी इकट्ठा करके रखने को कहा गया है।
सर्कुलर में किन बातों पर विशेष जोर: सर्कुलर में कहा गया है कि पैदल गश्त के दौरान पुलिस अधिकारी निवासियों, व्यापारियों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन और अन्य संबंधित लोगों से बातचीत करें। गश्त के दौरान अतिक्रमण की पहचान कर उन्हें हटाएं और साथ ही ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए अवैध पार्किंग पर भी सख्ती दिखाएं। इसके साथ ही जवानों को संवेदनशील जगहों पर भी गश्त लगाने के लिए कहा गया है।
पैदल गश्त का रिकॉर्ड रखने के भी निर्देश: सर्कुलर में सभी जिलों और ट्रैफिक यूनिट को पूरे सप्ताह का गश्ती प्लान पहले से तैयार करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही हर पैदल गश्त का रिकॉर्ड और इस दौरान कितने रूट को कवर किया गया, कितने लोगों से बातचीत की गई, कितने अतिक्रमण हटाए, कितने ट्रैफिक संबंधी मामले सुलझाए और अलग-अलग कानून के तहत कितना एक्शन हुआ इसके जानकारी इकट्ठा करके रखने को कहा गया है।
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