गाजियाबाद। नगर निगम गाजियाबाद की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। वार्ड संख्या-65, विवेकानंद नगर के नागरिकों ने क्षेत्र में लंबे समय से लंबित मूलभूत सुविधाओं को लेकर गंभीर नाराज़गी व्यक्त की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है, जिससे आम जनता को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, क्षेत्र में खराब स्ट्रीट लाइटें, जर्जर सड़कें और बदहाल पार्कों की स्थिति लंबे समय से जस की तस बनी हुई है। कई बार ऑनलाइन शिकायत, व्हाट्सएप, फोन और लिखित माध्यम से नगर निगम के संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी। जनता कर एवं अन्य शुल्क समय पर जमा करती है, इसलिए उसे मूलभूत नागरिक सुविधाएं समय पर मिलना भी उसका अधिकार है। यदि शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं होती, तो जनता का विश्वास प्रभावित होना स्वाभाविक है।
खराब स्ट्रीट लाइटों से बढ़ी असुरक्षा: विवेकानंद नगर के कई गलियों और पार्कों में स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं। इसके कारण रात्रि में आवागमन मुश्किल हो गया है और दुर्घटनाओं के साथ-साथ असामाजिक गतिविधियों की आशंका भी बढ़ गई है।
जर्जर सड़कों से नागरिक परेशान: क्षेत्र की कई सड़कें टूटी हुई हैं और जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। इससे न केवल वाहन चालकों को परेशानी हो रही है, बल्कि पैदल चलने वाले नागरिकों को भी जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।
पार्कों की बदहाल स्थिति: स्थानीय पार्कों में आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। बैठने के लिए कुर्सियां तक उपलब्ध नहीं हैं और नियमित रखरखाव न होने के कारण पार्कों की उपयोगिता प्रभावित हो रही है।
शिकायतों के निस्तारण में देरी पर सवाल: नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद समयबद्ध कार्रवाई नहीं की जाती। संबंधित अधिकारियों से संपर्क करना भी कई बार कठिन साबित होता है, जिससे जनता में असंतोष बढ़ रहा है।
जनता की अपेक्षाएं और मांग: प्रदेश सरकार द्वारा पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन पर जोर दिए जाने के बावजूद स्थानीय स्तर पर व्यवस्था में सुधार नहीं दिख रहा है। नागरिकों की मांग है कि—
* वार्ड संख्या-65 का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कराया जाए।
* खराब स्ट्रीट लाइटों को प्राथमिकता पर ठीक किया जाए।
* जर्जर सड़कों की शीघ्र मरम्मत की जाए।
* पार्कों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
* लंबित शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
* शिकायतकर्ताओं को कार्रवाई की जानकारी नियमित रूप से दी जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे समय पर कर और अन्य शुल्क जमा करते हैं, ऐसे में मूलभूत सुविधाएं मिलना उनका अधिकार है। नागरिकों ने नगर निगम से अपेक्षा की है कि वह इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करे।
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