फर्जी दस्तावेजों से कराए गए AOWA पंजीकरण का खुलासा

 रजिस्ट्रार ने रद्द किया एंथूरियम ऑफिस अलॉटीज वेलफेयर एसोसिएशन का रजिस्ट्रेशन


नोएडा।
एंथूरियम परियोजना की कथित संस्था 'एंथूरियम ऑफिस अलॉटीज वेलफेयर एसोसिएशन' (AOWA) के पंजीकरण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने फर्जी दस्तावेजों और कथित जाली हस्ताक्षरों के आधार पर संस्था का पंजीकरण कराकर परियोजना पर प्रभाव स्थापित करने का प्रयास किया। मामले की जांच के बाद रजिस्ट्रार द्वारा संस्था का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, परियोजना के कुछ वास्तविक आवंटियों ने रजिस्ट्रार ऑफ सोसायटीज के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि AOWA का गठन और पंजीकरण नियमों के अनुरूप नहीं किया गया तथा इसके लिए प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों में अनियमितताएं हैं। शिकायत के आधार पर कराई गई जांच में कई तथ्यों की पुष्टि होने के बाद सक्षम प्राधिकारी ने संस्था का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया।
जांच में सामने आईं कथित अनियमितताएं: शिकायतकर्ताओं का दावा है कि जांच के दौरान यह पाया गया कि संस्था के गठन संबंधी दस्तावेजों में कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षरों और गलत सूचनाओं का इस्तेमाल किया गया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर रजिस्ट्रार ने पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई की। आवंटियों का कहना है कि संस्था का गठन उनके हितों की रक्षा के उद्देश्य से नहीं बल्कि परियोजना से जुड़े विभिन्न मामलों में प्रभाव स्थापित करने और निजी हित साधने के लिए किया गया था।
बिल्डर को ब्लैकमेल करने के आरोप: शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि कथित फर्जी संस्था की आड़ में बिल्डर पर दबाव बनाने तथा उससे आर्थिक लाभ प्राप्त करने की कोशिश की जा रही थी। उनका यह भी कहना है कि परियोजना के प्रशासनिक एवं प्रबंधन संबंधी कार्यों में लगातार बाधाएं उत्पन्न की जा रही थीं। हालांकि, जिन लोगों पर ये आरोप लगाए गए हैं, उनकी ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
कार्रवाई की मांग: पंजीकरण निरस्त होने के बाद वास्तविक आवंटियों ने मामले में व्यापक जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में नोएडा प्राधिकरण को भी शिकायतें सौंपकर पूरे प्रकरण की जांच कराने का अनुरोध किया गया है। शिकायत में अनुप सचान, सुशील कुमार सिंघल, प्रशांत टंडन, कल्पना सचान, नीरजा सिंघल, दिव्या गौतम, मोहम्मद महमिद हुसैन तथा नीरज कुमार सिंघल सहित कुछ अन्य लोगों की भूमिका की जांच कराने की मांग की गई है। आवंटियों का कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाती है तो कथित फर्जीवाड़े से जुड़े सभी तथ्य सामने आ सकेंगे और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी।

ALERT AFSARSHAHI

-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने