ईर्ष्या बनी हत्या की वजह, साई उपवन में चिराग को मारी थीं दो गोलियां
गाजियाबाद। थाना कोतवाली नगर पुलिस ने पैरा एथलीट एवं एशियन गेम्स के लिए चयनित खिलाड़ी चिराग त्यागी हत्याकांड का सफल अनावरण करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, खेल प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाने और ईर्ष्या की भावना के चलते इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया था।
डीसीपी सिटी ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल के अनुसार 31 मई 2026 को वादी राजेश त्यागी ने थाना कोतवाली नगर में तहरीर देकर बताया था कि उनके भतीजे चिराग त्यागी उर्फ तुमार (24 वर्ष), पुत्र मनोज त्यागी, निवासी बसन्तपुर सैंतली, थाना मुरादनगर की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
घटना के खुलासे के लिए गठित पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर जांच करते हुए हत्या में शामिल आरोपियों की पहचान की। जांच में यश खटीक, गगन त्यागी तथा उनके एक अन्य साथी अभय उर्फ अभिनव की संलिप्तता सामने आई। सोमवार 1 जून 2026 को पुलिस ने रेलवे रोड बजरिया के पास से आरोपी यश खटीक पुत्र गोरेव खटीक निवासी गोपालपुरम मुरादनगर और गगन त्यागी पुत्र प्रदीप त्यागी निवासी लक्ष्मी एनक्लेव, चर्च कॉलोनी मुरादनगर को गिरफ्तार कर लिया। मामले में धारा 61(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस तीसरे आरोपी अभय उर्फ अभिनव की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी यश खटीक ने बताया कि वह और चिराग त्यागी जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, दिल्ली में 400 मीटर दौड़ की प्रैक्टिस करते थे। चिराग का चयन एशियन गेम्स के लिए हो गया था, जबकि यश का चयन नहीं हो सका।
आरोपी ने दावा किया कि उसकी मेडिकल रिपोर्ट खराब होने के कारण वह चयनित नहीं हो पाया। वहीं चिराग लगातार पदक जीत रहा था, जिससे उसके मन में हीन भावना और ईर्ष्या पैदा हो गई। इसी कारण उसने अपने साथी गगन त्यागी के साथ मिलकर चिराग की हत्या की साजिश रची। पूछताछ में यश ने बताया कि गगन त्यागी ने अपने साथी अभय उर्फ अभिनव के माध्यम से उसे पिस्टल उपलब्ध कराई थी। अभय ने एचआरआईटी कॉलेज, दुहाई के पास उसे हथियार सौंपा था।
डीसीपी के अनुसार 29 मई को चिराग बेंगलुरु से ट्रायल देकर लौटा था। 30 मई की सुबह करीब 9 बजे चिराग और आरोपी जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से कैब के जरिए साई उपवन, गाजियाबाद पहुंचे।
योजना के तहत सुनसान स्थान पर यश ने पीछे से चिराग के सिर में गोली मार दी। पहली गोली लगने के बाद चिराग कुछ दूरी तक चला, तभी आरोपी ने दूसरी गोली चलाई, जो उसकी पीठ में लगी। इसके बाद चिराग मौके पर गिर गया और उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी चिराग का मोबाइल लेकर ऑटो से मुरादनगर चले गए। रास्ते में मोबाइल की सिम निकालकर मोबाइल नाले में फेंक दिया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने चिराग के इंडियन बैंक खाते से रुपये भी निकाले। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पिस्टल खरीदने के लिए लगभग 62 हजार रुपये खर्च किए गए थे तथा शेष रकम और हथियार को घर के पास छिपा दिया गया था। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है तथा फरार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
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