गाजियाबाद में जिम ट्रेनरों का होगा सत्यापन

हर ट्रेनर को पहनना होगा आईडी कार्ड, डेटाबेस भी होगा तैयार


गाजियाबाद।
जिले में अब जिम ट्रेनरों की पहचान छिपाना संभव नहीं होगा। जिला प्रशासन ने सभी जिमों में कार्यरत ट्रेनरों का सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। साथ ही ट्रेनरों के लिए आईडी कार्ड पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। शामली में धर्मांतरण के आरोपों के बाद गाजियाबाद प्रशासन सतर्क हो गया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने जिले के सभी जिमों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए एडीएम सिटी की अगुवाई में एक विशेष टीम बनाई गई है। टीम जिमों में जाकर ट्रेनरों की पूरी जानकारी जुटाएगी — उनके नाम, पते और आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। इसके साथ ही सभी ट्रेनरों का एक डेटाबेस तैयार किया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी ट्रेनरों को आईडी कार्ड पहनना होगा और उस पर उनका वास्तविक नाम दर्ज रहेगा। पहचान को लेकर किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य जिम में आने वाले लोगों, खासकर महिलाओं के लिए सुरक्षित और पारदर्शी माहौल सुनिश्चित करना है। निरीक्षण के दौरान नियमों का पालन न मिलने पर कार्रवाई भी की जाएगी। 

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-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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