अपहरण के 80 घंटे से बीत जाने के बावजूद पुलिस नहीं लगा सकी ओमकार का कोई सुराग
गाजियाबाद। लोनी कोतवाली क्षेत्र के गनौली गांव निवासी ओमकार उर्फ ओमन के अपहरण को 80 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लगा सकी है। पुलिस की कार्यशैली से नाराज परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों और महिलाओं ने बंथला-चिरौडी मार्ग पर जाम लगाकर धरना शुरू कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने सड़क पर बांस-बल्लियां लगाकर बैरिकेडिंग कर दी, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक अपहृत ओमकार का पता नहीं चलता और मुख्य आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
धरने पर बैठे ओमकार के चाचा सोनू ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 21 तारीख को ही आरोपियों ने उनके भतीजे को बंदूक दिखाकर धमकी दी थी। इसकी शिकायत थाने और चौकी में की गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। सोनू का आरोप है कि यदि समय रहते पुलिस कार्रवाई करती तो 30 तारीख को अपहरण की घटना नहीं होती। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपियों में एक जिला बदर बदमाश भी शामिल है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस पिछले चार दिनों से उन्हें गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि या तो पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है, या फिर आरोपियों से मिली हुई है अथवा उनसे डरी हुई है।
परिजनों ने दावा किया कि मुख्य आरोपी का बेटा खुलेआम हथियार के साथ वीडियो और स्टेटस सोशल मीडिया पर साझा कर रहा है, लेकिन पुलिस उसे भी गिरफ्तार नहीं कर पा रही है।
गुस्साए परिजनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि पुलिस या तो आरोपियों का एनकाउंटर करे या फिर उन्हें मार दे। उनका कहना है कि चार दिन से अधिक समय बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं और अपहृत युवक का कोई पता नहीं चल सका है। मामले की जानकारी मिलने पर लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर भी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों और परिजनों को भरोसा दिलाया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। विधायक ने कहा कि यह मामला उनके ही गांव से जुड़ा है और वह स्वयं इस घटना से बेहद दुखी हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार की कानून व्यवस्था में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है और इस मामले में कठोर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि आरोपी बेहद शातिर हैं और पुलिस को लोकेशन मिलने से पहले ही ठिकाना बदल रहे हैं।
तीन हिरासत में, पांच आरोपियों पर इनाम घोषित: पुलिस उपायुक्त ग्रामीण सुरेन्द्रनाथ तिवारी के अनुसार अपहरणकर्ताओं की तलाश में पुलिस की तीन टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। मामले में अब तक तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं पांच मुख्य नामजद आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। लगातार हमारी टीमें प्रयास कर रही हैं और जो अपहृत हैं, उनकी बरामदगी के लिए तथा जो अभियुक्तगण हैं, उनकी गिरफ्तारी के लिए। इसके अलावा जो आसपास के नदी-नाले और नहर हैं, उनमें भी हमारा सर्च अभियान चलाया जा रहा है। इसके बावजूद 80 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी न तो अपहृत ओमकार का कोई सुराग मिला है और न ही मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ में आए हैं।
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