ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर बदसलूकी और मारपीट का आरोप, न्याय की मांग को लेकर पुलिस कमिश्नर से मिले ऑटो यूनियन पदाधिकारी

आदर्श ऑटो टैम्पू एसोसिएशन के उपसचिव एस.पी. मलिक ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से लगाई गुहार,  जांच के आदेश


गाजियाबाद 
(सुमित शर्मा) आदर्श ऑटो टैम्पू एसोसिएशन के उपसचिव एस.पी. मलिक ने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों और एक पीआरडी जवान पर मारपीट, अभद्रता, मोबाइल फोन का डाटा डिलीट करने तथा नकदी निकालने का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। मामले को लेकर संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस कमिश्नर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
नया बस अड्डा पर हुई कथित घटना: प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार 31 मई को दोपहर करीब तीन बजे एस.पी. मलिक नया बस अड्डा क्षेत्र में अपने मोबाइल फोन पर कुछ जरूरी दस्तावेज देख रहे थे। उनका आरोप है कि इसी दौरान पीआरडी जवान विशाल तथा ट्रैफिक पुलिस के दो सिपाही मनोज और हरवेंद्र उनके पास पहुंचे और उन पर फोटो एवं वीडियो बनाने का आरोप लगाते हुए मोबाइल फोन छीन लिया। एस.पी. मलिक का कहना है कि उन्होंने पुलिसकर्मियों को बताया कि वह किसी प्रकार की फोटो या वीडियो नहीं बना रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और कथित रूप से जबरन सड़क के दूसरी ओर ले जाया गया।

डेटा डिलीट करने और नकदी निकालने का आरोप: 
उपसचिव एस.पी. मलिक ने आरोप लगाया कि संबंधित कर्मियों ने उनके मोबाइल फोन से महत्वपूर्ण डाटा डिलीट कर दिया, जिसमें बैंकिंग और संपत्ति से जुड़े आवश्यक दस्तावेज भी शामिल थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ हाथापाई की गई, कपड़े फाड़ दिए गए तथा मोबाइल कवर में रखे एक हजार रुपये भी निकाल लिए गए।
धमकी देने का भी आरोप: एसोसिएशन पदाधिकारी के अनुसार, विरोध करने पर एक पीआरडी जवान ने स्वयं को एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से जुड़ा बताते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। एस.पी. मलिक का कहना है कि इस दौरान मौके पर मौजूद ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर (टीएसआई) ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया।
यूनियन अध्यक्ष पहुंचे मौके पर: घटना की जानकारी मिलते ही आदर्श ऑटो टैम्पू एसोसिएशन के अध्यक्ष ठाकुर धर्मेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके संगठन के पदाधिकारी के साथ अनुचित व्यवहार किया गया है। इसके बाद पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।
पुलिस कमिश्नर से की शिकायत: 
कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए संगठन के पदाधिकारी एस.पी. मलिक के साथ पुलिस कमिश्नर से मिले और पूरे घटनाक्रम की शिकायत की। पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। इसके अलावा संगठन की ओर से जिलाधिकारी तथा मुख्यमंत्री को भी शिकायत पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
आंदोलन की चेतावनी: एसोसिएशन अध्यक्ष ठाकुर धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि यदि पीड़ित पदाधिकारी को शीघ्र न्याय नहीं मिला तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि संगठन अपने पदाधिकारियों और चालकों के सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा।
टीएसआई ने आरोपों से किया इंकार: घटना के संबंध में जब मौके पर मौजूद बताए जा रहे टीएसआई सुभाष चंद्र से संपर्क किया गया तो उन्होंने स्वयं को इस मामले से अलग बताते हुए किसी भी प्रकार की भूमिका से इनकार किया। फिलहाल पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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