नोएडा में नकदी के बदले क्रिप्टो करेंसी दिलाने के नाम पर ठगी, दो गिरफ्तार

बिचौलिये की भूमिका निभाते थे आरोपी, फरार आरोपियों की तलाश जारी


नोएडा
। नकदी के बदले क्रिप्टो करेंसी उपलब्ध कराने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को सेक्टर-20 थाना पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। मामले में गिरोह के दो अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस की विशेष टीम लगातार दबिश दे रही है। एडिशनल डीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बरेली के मीरगंज निवासी 22 वर्षीय अनुराग पारासरी और नोएडा के सेक्टर-50 निवासी उमेर खान के रूप में हुई है। दोनों को सेक्टर-27 स्थित सर्विस रोड से गिरफ्तार किया गया।  पुलिस के अनुसार, उमेर खान स्नातक और बीबीए की पढ़ाई कर चुका है, जबकि अनुराग ने बीकॉम किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 12 लाख रुपये नकद, एक चेकबुक, डेबिट कार्ड और आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी लोगों को नकदी के बदले क्रिप्टो करेंसी उपलब्ध कराने का भरोसा देकर अपने जाल में फंसाते थे। इच्छुक ग्राहकों को किसी निर्धारित स्थान पर बुलाया जाता था। वहां आरोपी बातचीत के बहाने पीड़ित का ध्यान भटकाते और मौका मिलते ही नकदी से भरा बैग या रकम गायब कर देते थे। विरोध करने पर पीड़ित को धमकाकर चुप कराने का प्रयास किया जाता था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित सोनू सिंह ने सेक्टर-20 थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, 18 जून को उसे नकदी के बदले क्रिप्टो करेंसी देने का आश्वासन देकर सेक्टर-28 बुलाया गया था। वहां उमेर, अनुराग, राहुल और सागर डागर ने उसे बातचीत में उलझा लिया और उसके बैग में रखे 11 लाख 94 हजार रुपये गायब कर दिए। बाद में उसे एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो चुका है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार दोनों आरोपी गिरोह में बिचौलिये की भूमिका निभाते थे। उनका मुख्य काम क्रिप्टो करेंसी में निवेश या लेनदेन के इच्छुक लोगों को तलाशना और उन्हें गिरोह के मुख्य संचालकों राहुल और सागर डागर तक पहुंचाना था। इसके बदले उन्हें मोटा कमीशन मिलता था। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह काफी समय से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा था और जांच के दौरान अन्य पीड़ितों के सामने आने की भी संभावना है।
अधिकारियों के अनुसार, राहुल और सागर डागर इस पूरे नेटवर्क के प्रमुख सदस्य हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है, जो संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपियों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग और तकनीकी साक्ष्य हाथ लगे हैं तथा जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल पुलिस दोनों गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास को भी खंगाल रही है।

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-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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