देहरादून और मनाली में छिपकर काट रहे थे दिन
नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के सैदुलाजाब इलाके में 30 मई को हुए दर्दनाक इमारत हादसे के मामले में दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घटना के बाद से फरार चल रहे दो प्रमुख आरोपी बिल्डर अवनीश गुप्ता और मनीष खत्री को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को वसंत कुंज क्षेत्र से दबोचा गया। गौरतलब है कि 30 मई को साकेत मेट्रो स्टेशन के निकट सैदुलाजाब इलाके में एक निर्माणाधीन पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई थी। इस भीषण हादसे में छह लोगों की मौत हो गई थी, जबकि आठ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी।दक्षिण दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अनंत मित्तल के अनुसार हादसे के तुरंत बाद दोनों आरोपी दिल्ली छोड़कर उत्तराखंड के देहरादून भाग गए थे। वहां कुछ दिन रुकने के बाद वे हिमाचल प्रदेश के मनाली पहुंच गए और लगातार अपनी लोकेशन बदलते रहे। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों ने बेहद शातिर तरीके अपनाए। उन्होंने किसी होटल या लॉज में ठहरने से परहेज किया ताकि पहचान संबंधी कोई रिकॉर्ड न बने। साथ ही निजी वाहन या टैक्सी के बजाय सरकारी बसों और पैदल यात्रा का सहारा लिया। तकनीकी निगरानी से बचने के लिए दोनों आरोपियों ने स्मार्टफोन का उपयोग बंद कर दिया था और साधारण कीपैड फोन इस्तेमाल कर रहे थे। वे दिनभर में केवल दो बार कुछ मिनटों के लिए फोन चालू करते थे ताकि परिवार के लोगों से संपर्क कर सकें।
पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि अवनीश गुप्ता और मनीष खत्री लंबे समय से रियल एस्टेट कारोबार में साझेदार हैं। सैदुलाजाब में ढही पांच मंजिला इमारत के निर्माण की जिम्मेदारी भी इन्हीं दोनों के पास थी। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि निर्माण कार्य में किस स्तर की लापरवाही बरती गई, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता कैसी थी तथा इमारत गिरने के पीछे कौन-कौन सी तकनीकी और संरचनात्मक खामियां जिम्मेदार थीं। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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